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Viral Video: बाबा सिद्दीकी हत्याकांड से टाइगर श्रॉफ तक, गैंगस्टर के खौफ और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया पर बहस

 

साल 2024 में मुंबई के बांद्रा ईस्ट इलाके में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह अपने बेटे जीशान सिद्दीकी के कार्यालय से बाहर निकल रहे थे, तभी तीन हमलावरों ने उन पर गोलियां चलाईं। गंभीर रूप से घायल बाबा सिद्दीकी को लीलावती अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। इस हत्याकांड के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से जिम्मेदारी लेने का दावा भी सामने आया था।

सलमान खान और काले हिरण का मामला भी चर्चा में आया

बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर सलमान खान और काले हिरण के शिकार से जुड़े पुराने विवाद की चर्चा फिर तेज हो गई थी। कुछ लोगों की प्रतिक्रियाओं को लेकर भी सवाल उठे कि किसी की हत्या या हिंसा की घटना पर खुशी जताना कितना उचित है।

टाइगर श्रॉफ से जुड़े मामले ने फिर बढ़ाई चिंता

बाबा सिद्दीकी" आप लोगों को याद होगा" 2024 में बांद्रा ईस्ट अपने बेटे ज़ीशान सिद्दीकी के ऑफिस से बाहर निकलते समय।

तीन हमलावरों ने उन पर गोली चालाई थी। जिसमें गंभीर रूप से घायल हुए, और लीलावती अस्पताल में उनकी मौत हो गई।

उस समय भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने जिम्मेवारी ली थी। तब कुछ… pic.twitter.com/rL0EB2jLSx

— TANVEER (@tanveersk87) October 20, 2026


अब अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े कथित फायरिंग मामले को लेकर भी सुरक्षा और गैंगस्टर नेटवर्क के खौफ पर चर्चा हो रही है। बाबा सिद्दीकी हत्याकांड और इस घटना का जिक्र करते हुए सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर फिल्मी हस्तियों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए।

हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी सीधे संबंध का निष्कर्ष निकालने से पहले पुलिस की जांच और आधिकारिक जानकारी को देखना जरूरी है।

हिंसा पर जश्न नहीं, सख्त कार्रवाई जरूरी

इन घटनाओं से एक अहम सवाल सामने आता है—क्या किसी विवाद या व्यक्तिगत दुश्मनी के नाम पर हिंसा को सही ठहराया जा सकता है? किसी भी व्यक्ति के खिलाफ हिंसा का समर्थन करने के बजाय कानून के तहत निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जानी चाहिए।

सोशल मीडिया पर किसी घटना को लेकर प्रतिक्रिया देने से पहले तथ्यों की पुष्टि करना भी जरूरी है, ताकि अफवाहों और अपुष्ट दावों को बढ़ावा न मिले।