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Viral Video: मिठाई की दुकान पर विधायक से विवाद का दावा, मारपीट और पथराव का वीडियो वायरल
 

 


Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है, जिसमें एक विधायक के साथ कथित तौर पर मारपीट और पथराव की घटना दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। पोस्ट के मुताबिक, मामला एक मिठाई की दुकान पर हुआ, जहां दुकान के उद्घाटन के बाद मिठाई के पैसे मांगने को लेकर विवाद शुरू हुआ।

मिठाई के पैसे मांगने पर विवाद का दावा

सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि विधायक एक मिठाई की दुकान के उद्घाटन के लिए पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद उन्होंने दुकान में रखी कुछ मिठाइयां पैक करने को कहा। दुकानदार ने मिठाई पैक कर दी, लेकिन जब विधायक वहां से जाने लगे तो दुकानदार ने कथित तौर पर मिठाई के पैसे मांगे।

पोस्ट के मुताबिक, इसी बात को लेकर विधायक नाराज हो गए और दुकानदार को दुकान बंद कराने की धमकी देने लगे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

दुकानदार और विधायक के बीच बढ़ा विवाद

उद्घाटन करने गए विधायक जी को जनता ने दौड़ा दौड़ाकर सुताई की...

अगर आप अभी किसी भी राजनैतिक पार्टियों की चाटुकारिता करने में व्यस्त रहते हो तो ये खबर आपको चौंका सकती है...

दरअसल ये पूरी घटना तब घटी जब एक मिठाई की दुकान का उद्घाटन करने के बाद विधायक जी ने वहां रखी कुछ मिठाइयों को… pic.twitter.com/toPFOdXDvh

— Amit Tomar (@AmitNationlist) September 19, 2026


वायरल पोस्ट में आगे दावा किया गया है कि दुकानदार और वहां मौजूद कुछ लोगों के साथ विधायक का विवाद बढ़ गया। इसके बाद कथित तौर पर विधायक के साथ मारपीट की गई।

वीडियो से जुड़े दावे में यह भी कहा जा रहा है कि विधायक वहां से निकलकर सड़क की ओर जाने लगे, जिसके बाद कुछ लोगों ने उनकी तरफ ईंट-पत्थर फेंके। हालांकि, वायरल क्लिप के आधार पर पूरे घटनाक्रम और विवाद की शुरुआत की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती।

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ वीडियो

घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर होने के बाद यूजर्स अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे जनप्रतिनिधि और आम लोगों के बीच बढ़ते विवाद के रूप में देख रहे हैं, जबकि अन्य लोग वीडियो के पूरे संदर्भ और घटना की वास्तविक जानकारी सामने आने की बात कह रहे हैं।

फिलहाल, विधायक की पहचान, घटना की सही जगह, तारीख और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। इसलिए सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए आरोपों को पुष्ट तथ्य के तौर पर नहीं, बल्कि वायरल दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।