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Viral Video: 37 साल की दिव्या बोलीं- सब परहेज के बाद भी वजन क्यों नहीं घटता? 

 

सोशल मीडिया पर 37 साल की एक अविवाहित महिला दिव्या की कहानी चर्चा में है। उनका कहना है कि दिनभर काम और व्यस्त जिंदगी के कारण वह खुद के लिए ज्यादा समय नहीं निकाल पातीं। जिम या अलग से एक्सरसाइज करना उनके लिए मुश्किल है। वह खाने-पीने में भी काफी सावधानी बरतती हैं, इसके बावजूद उनका वजन कम नहीं हो रहा है।
दिव्या के मुताबिक उनकी लंबाई करीब 5 फीट और वजन 64 किलो है। वह तला-भुना खाना, जंक फूड, मिठाई, कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम जैसी चीजों का सेवन बहुत कम करती हैं। इसके बावजूद परिवार और आसपास के लोग उनके वजन को लेकर टिप्पणी करते हैं।
थायरॉयड की दवा भी लेती हैं दिव्या

मैं 37 साल की अविवाहित लड़की हूँ।

ज़िंदगी की भागदौड़ ऐसी है कि सुबह से शाम तक काम करते- करते खुद के लिए समय ही नहीं बचता। इतना थक जाती हूँ कि जिम जाना या अलग से एक्सरसाइज़ करना सिर्फ़ एक इच्छा बनकर रह गया है। कोशिश करती हूँ कि रोज़ 7-8 घंटे की नींद पूरी हो, लेकिन ज़्यादातर 6… pic.twitter.com/8xOPBcem0T

— Indu (@induXwin) October 6, 2026



दिव्या ने बताया कि उन्हें थायरॉयड की समस्या है और वह डॉक्टर की सलाह के अनुसार रोजाना दवा लेती हैं। साथ ही उनकी नींद भी अक्सर पूरी नहीं हो पाती। कोशिश के बावजूद कई दिनों में उन्हें करीब 6 घंटे ही नींद मिलती है।
ऐसे में उनका सवाल है कि अगर परिवार में कई लोगों का शरीर भारी है और वजन बढ़ने की प्रवृत्ति आनुवंशिक हो सकती है, तो क्या उन्हें लगातार अपना शरीर बदलने की कोशिश करते रहना चाहिए?
हर शरीर को एक जैसा बनाना जरूरी नहीं
विशेषज्ञों के अनुसार वजन का आकलन केवल दूसरों की टिप्पणियों के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। शरीर का वजन कई चीजों से प्रभावित हो सकता है, जिनमें आनुवंशिकता, नींद, शारीरिक गतिविधि, खान-पान, उम्र और कुछ मेडिकल स्थितियां शामिल हैं।
इसलिए दिव्या को सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि स्वस्थ रहने और सिर्फ वजन कम करने में अंतर है। केवल तराजू पर दिखने वाले आंकड़े को अपनी सेहत का पैमाना मानना सही नहीं है।
थायरॉयड होने पर क्या करें?
थायरॉयड की समस्या होने पर दवा की खुराक खुद से कम या ज्यादा नहीं करनी चाहिए। नियमित डॉक्टर से फॉलोअप और जरूरत के अनुसार थायरॉयड टेस्ट कराना महत्वपूर्ण है। अगर वजन लंबे समय तक स्थिर है या तेजी से बदल रहा है, तो डॉक्टर से इसकी वजह पर चर्चा की जा सकती है।
जिम के लिए समय न मिले तो भी छोटी शुरुआत संभव
दिव्या जैसी व्यस्त महिलाओं के लिए जरूरी नहीं कि फिट रहने के लिए रोज जिम में घंटों बिताया जाए। डॉक्टर की अनुमति के अनुसार दिन में छोटे-छोटे वॉक सेशन, सीढ़ियों का इस्तेमाल या रोजमर्रा की गतिविधियों को बढ़ाना शुरुआत का हिस्सा हो सकता है।
नींद पर भी ध्यान देना जरूरी है। लगातार कम नींद लेना शरीर और रोजमर्रा की ऊर्जा पर असर डाल सकता है। इसलिए जहां संभव हो, नियमित और पर्याप्त नींद को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा।
दिव्या के लिए सबसे जरूरी बात
अगर मेडिकल जांच सामान्य है और डॉक्टर किसी खास वजन लक्ष्य की सलाह नहीं देते, तो सिर्फ परिवार या समाज की टिप्पणियों की वजह से खुद को बदलने का दबाव लेना जरूरी नहीं है।
दिव्या को अपना शरीर स्वीकार करने और अपनी सेहत का ख्याल रखने—दोनों को साथ लेकर चलना चाहिए। स्वस्थ भोजन, पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और डॉक्टर की सलाह पर ध्यान देना ज्यादा महत्वपूर्ण है, बजाय इसके कि वह लगातार खुद को दूसरों के शरीर के हिसाब से बदलने की कोशिश करती रहें।
अगर वजन कम करना उनका व्यक्तिगत लक्ष्य है, तो इसे सजा या दबाव की तरह नहीं बल्कि धीरे-धीरे अपनाई जाने वाली स्वस्थ आदतों के रूप में देखना बेहतर होगा।
यहां थायरॉयड की दवा और वजन से जुड़ी बातों के कारण व्यक्तिगत इलाज या डोज बदलने की सलाह नहीं दी गई है; दिव्या को अपनी दवा और वजन संबंधी लक्ष्य के लिए डॉक्टर से व्यक्तिगत सलाह लेनी चाहिए।