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Viral Video: 15 साल की लड़की ने बताया ‘प्यार’, पुलिसकर्मी ने समझाया Grooming का खतरनाक सच

 

सोशल मीडिया पर एक पुलिसकर्मी का वीडियो चर्चा में है, जिसमें उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों को सतर्क रहने की अपील की है। पोस्ट में एक 15 वर्षीय लड़की का मामला बताया गया है, जो कथित तौर पर तीन महीने की गर्भवती थी। पुलिसकर्मी के मुताबिक, बातचीत के दौरान लड़की ने 26 वर्षीय युवक के साथ अपने संबंधों को प्यार बताया।

सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, यह घटना तब सामने आई जब एक मां अपनी 15 साल की बेटी को लेकर पुलिस हेल्प डेस्क पहुंची। महिला ने बताया कि उसकी बेटी तीन महीने की गर्भवती है। जब पुलिसकर्मी ने घटना के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की तो मां ने एक 26 वर्षीय युवक पर संदेह जताया।

अकेले में बात करने पर लड़की ने बताई पूरी कहानी

पोस्ट के मुताबिक, पुलिसकर्मी ने लड़की से अलग से बातचीत की। इस दौरान लड़की ने बताया कि युवक उसे रिक्शे से स्कूल या अन्य जगहों पर छोड़ने और लेने आता था। लड़की के अनुसार, दोनों के बीच बातचीत होती थी और उसे लगता था कि युवक उससे प्यार करता है।

लड़की ने कथित तौर पर यह भी बताया कि उसके पिता ओला कैब चलाते हैं और मां घरों में काम करती हैं। जब वह घर पर अकेली होती थी, तब युवक उसके पास आता था।

लड़की ने कहा- शुरुआत में बुरा लगता था

यह इंफ्लुएंसर नीतू, जो पुलिस मे है, जिनकी वीडियो हर माता-पिता और समाज के सजग नागरिक के लिए एक बड़ा 'वेक-अप कॉल' है।

एक दिन वह हेल्पडेस्क पर बैठी थी, तो इनको एक माँ अपनी 15 साल की बेटी के साथ मिली,

इन्होंने पूछा क्या हेल्प कर सकती हूँ आपकी, महिला बड़े भारी मन से बोली, ये मेरी… pic.twitter.com/XWZnKtJaFf

— Vishal M. Yadav (@VishalMYadav_) September 28, 2026

 

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पोस्ट में दावा किया गया है कि जब पुलिसकर्मी ने लड़की से पूछा कि क्या उसे युवक की हरकतों से परेशानी नहीं होती थी, तो उसने बताया कि शुरुआत में उसे थोड़ा बुरा लगता था और दर्द भी होता था। बाद में उसे वही चीजें सामान्य और अच्छी लगने लगीं।

पुलिसकर्मी ने इस स्थिति को बच्चों के साथ होने वाले ‘Grooming’ से जोड़ते हुए अभिभावकों को सतर्क रहने की बात कही।

क्या होता है Child Grooming?

Grooming एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें कोई वयस्क किसी बच्चे का भरोसा जीतने की कोशिश करता है। इसमें भावनात्मक जुड़ाव, ध्यान, सहानुभूति या उपहार जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। उद्देश्य बच्चे की सीमाओं को धीरे-धीरे कमजोर करना और उसके शोषण को सामान्य या स्वीकार्य महसूस कराना हो सकता है।

ऐसी परिस्थितियों में बच्चा कई बार अपने साथ हो रहे गलत व्यवहार को समझ नहीं पाता और उसे प्यार, दोस्ती या देखभाल का नाम दे सकता है।

अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील

सोशल मीडिया पोस्ट में अभिभावकों से बच्चों के व्यवहार, उनकी ऑनलाइन और ऑफलाइन गतिविधियों तथा नए लोगों से उनके संपर्क को लेकर जागरूक रहने की अपील की गई है।

साथ ही, बच्चों से ऐसा भरोसेमंद रिश्ता बनाने पर जोर दिया गया है जिसमें वे किसी भी असहज अनुभव या परेशानी के बारे में बिना डर के अपने माता-पिता से बात कर सकें।

नोट: यह खबर सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक पोस्ट में किए गए दावों पर आधारित है। पोस्ट में बताए गए मामले की स्वतंत्र पुष्टि यहां उपलब्ध जानकारी से नहीं की गई है।