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Viral Post: Bigg Boss में मनोज तिवारी की बेटी के बयान पर उठे सवाल, सोशल मीडिया यूजर ने साधा निशाना
 

 


सोशल मीडिया पर इन दिनों भोजपुरी अभिनेता और बीजेपी नेता मनोज तिवारी की बेटी को लेकर एक पोस्ट चर्चा में है. पोस्ट में दावा किया गया है कि उनकी बेटी ने रियलिटी शो Bigg Boss में अपने बचपन और पिता के साथ रिश्ते को लेकर भावुक बातें कहीं. इसके बाद एक सोशल मीडिया यूजर ने उनके कथित संघर्षों और राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर सवाल उठाए हैं.

बेटी के बयान का किया गया जिक्र

मनोज तिवारी की बेटी Big boss में रो रो के बता रही है कि साल में एक बार पापा से मिलती थी।

दिन में दो टाइम दस रुपये का वड़ा पाव खाकर गुज़ारा करती थी।

वही बेटी जो 2024 में सीधे BJP जॉइन करती है और लॉन्चिंग प्रेस कॉन्फ्रेंस करवाती है।

वही बेटी जिसके चाचा की कंपनी में वो पहले से… pic.twitter.com/rM6PcMdfdm

— Rahul Kumar (@MukAn_X) September 22, 2026


वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि मनोज तिवारी की बेटी ने शो में रोते हुए कहा कि वह अपने पिता से साल में केवल एक बार मिल पाती थीं. पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि बचपन में वह दिन में दो बार करीब 10 रुपये के वड़ा पाव खाकर गुजारा करती थीं.

हालांकि, वायरल पोस्ट में किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि यहां उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है. इसलिए इन्हें सोशल मीडिया पर किए गए दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए.

BJP से जुड़ने का भी किया जिक्र

पोस्ट लिखने वाले यूजर ने आगे मनोज तिवारी की बेटी के 2024 में बीजेपी से सीधे जुड़ने और लॉन्च प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र किया है. साथ ही दावा किया गया कि वह पहले से अपने चाचा की कंपनी में काम कर रही थीं.

इन्हीं बातों को आधार बनाकर यूजर ने उनके संघर्ष की कहानी पर सवाल उठाते हुए अपनी तुलना अपने बचपन से की. पोस्ट में लेखक ने बताया कि उसने भी आर्थिक मुश्किलों का सामना किया और कभी पारले-जी बिस्किट को थोड़ा-थोड़ा करके पानी में मिलाकर खाया.

सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं

पोस्ट का मुख्य मुद्दा यह है कि क्या सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के संघर्ष और आम लोगों के संघर्ष को एक ही नजरिए से देखा जाना चाहिए. पोस्ट में व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा गया है कि आज के समय में गरीबी भी जैसे 'VIP कोटे' में बंटती नजर आती है.

हालांकि, किसी व्यक्ति के आर्थिक संघर्ष को केवल सोशल मीडिया पोस्ट, राजनीतिक जुड़ाव या पारिवारिक पृष्ठभूमि के आधार पर तय नहीं किया जा सकता. वायरल दावों की पुष्टि के लिए संबंधित कार्यक्रम का मूल वीडियो और संबंधित व्यक्ति के आधिकारिक बयान देखना जरूरी है.