VIP मूवमेंट या किसी की जिंदगी? Ambulance को लेकर वायरल Video ने सिस्टम पर उठाए सवाल
वीडियो में कहा गया है कि सड़क किसी एक व्यक्ति या VIP की नहीं होती, बल्कि उस पर हर नागरिक का समान अधिकार है। ऐसे में जब किसी मरीज को लेकर एंबुलेंस अस्पताल की ओर जा रही हो, तब उसे रास्ता मिलना सबसे जरूरी होना चाहिए, क्योंकि कुछ मिनटों की देरी भी कई बार किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।
VIP संस्कृति से ऊपर इंसान की जिंदगी होनी चाहिए...
— Sanju (@SanjuKu79832010) September 5, 2026
जब किसी वीआईपी के लिए सड़क रुक जाती है,आम लोगों के बारे में कौन सोचता है
खासकर उस आपातकालीन एम्बुलेंस के बारे में जिसमें किसी ऐसे व्यक्ति को ले जाया जा रहा हो
जिसकी जान समय पर अस्पताल पहुंचने पर निर्भर करती है?
वीआईपी नहीं तो… pic.twitter.com/l7kUrT5xuF
VIP संस्कृति से ऊपर इंसान की जिंदगी होनी चाहिए...
— Sanju (@SanjuKu79832010) September 5, 2026
जब किसी वीआईपी के लिए सड़क रुक जाती है,आम लोगों के बारे में कौन सोचता है
खासकर उस आपातकालीन एम्बुलेंस के बारे में जिसमें किसी ऐसे व्यक्ति को ले जाया जा रहा हो
जिसकी जान समय पर अस्पताल पहुंचने पर निर्भर करती है?
वीआईपी नहीं तो… pic.twitter.com/l7kUrT5xuF
VIP से पहले इंसानी जिंदगी जरूरी?
वीडियो में VIP कल्चर पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि किसी VIP के गुजरने के लिए सड़क को रोकने से पहले यह भी सोचना चाहिए कि कहीं उसी रास्ते पर कोई एंबुलेंस तो नहीं फंसी है। उसमें मौजूद मरीज के लिए अस्पताल तक समय पर पहुंचना कितना जरूरी है, इसका अंदाजा शायद सड़क पर खड़े लोगों को नहीं होता।
वीडियो का संदेश साफ है कि VIP प्रोटोकॉल अपनी जगह है, लेकिन इंसानी जिंदगी उससे ऊपर होनी चाहिए।
एंबुलेंस को हमेशा मिले प्राथमिकता
वीडियो में लोगों से अपील की गई है कि अगर सड़क पर एंबुलेंस दिखाई दे तो उसे सुरक्षित तरीके से रास्ता दिया जाए। ट्रैफिक में फंसी एंबुलेंस को रास्ता दिलाना सिर्फ ट्रैफिक नियमों का मामला नहीं, बल्कि मानवीय जिम्मेदारी भी है।
साथ ही वीडियो में यह सवाल भी उठाया गया है कि क्या हमारी व्यवस्था में आम लोगों की जरूरतों को उतनी ही प्राथमिकता मिलती है, जितनी VIP लोगों को दी जाती है?
‘चुप रहना हमेशा समाधान नहीं’
वीडियो के अंत में कहा गया है कि यह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर सवाल है जिसमें कभी-कभी आम आदमी की परेशानी नजरअंदाज हो जाती है। ऐसे मुद्दों पर सवाल उठाना जरूरी है, क्योंकि हर समस्या का समाधान चुप रहने से नहीं होता।
आखिर सड़क सबकी है और किसी की जिंदगी VIP प्रोटोकॉल से कम कीमती नहीं हो सकती।