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बच्चे की बिगड़ती हालत का VIDEO आया सामने, Ataroula Hospital पर लगे आरोप

 

Ataroula में एक Private Hospital की कार्यप्रणाली को लेकर सोशल मीडिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। वायरल सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक, एक गंभीर रूप से बीमार बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां कथित तौर पर करीब 4-5 दिनों तक बच्चे का इलाज चला।

अतरौला मे निजी हॉस्पिटल की मनमनी पर उठे सवाल गंभीर बच्चे को इलाज के बाद बाहर करने का आरोप

अतरौला मे कुछ निजी अस्पताल की कार्याप्रडाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे है एक निजी अस्पताल से

जुडी इसी घटना आई जहाँ एक गंभीर रूप से बीमार 4/5 दिनों तक अस्पताल मे भर्ती रख कर इलाज किया… pic.twitter.com/Ixk4F3LMpw

— Shyam pal Singh (@Shyampa92199113) August 30, 2026

अतरौला मे निजी हॉस्पिटल की मनमनी पर उठे सवाल गंभीर बच्चे को इलाज के बाद बाहर करने का आरोप

अतरौला मे कुछ निजी अस्पताल की कार्याप्रडाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे है एक निजी अस्पताल से

जुडी इसी घटना आई जहाँ एक गंभीर रूप से बीमार 4/5 दिनों तक अस्पताल मे भर्ती रख कर इलाज किया… pic.twitter.com/Ixk4F3LMpw

— Shyam pal Singh (@Shyampa92199113) August 30, 2026


बच्चे के परिजनों का आरोप है कि इलाज के नाम पर उनसे बड़ी रकम ली गई, लेकिन इसके बावजूद बच्चे की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। परिजनों के मुताबिक, इलाज के दौरान बच्चे की तबीयत लगातार बिगड़ती गई और स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल की ओर से कथित तौर पर उन्हें बच्चे को किसी दूसरे अस्पताल या बेहतर इलाज वाली जगह ले जाने की सलाह दी गई।

इसके बाद परेशान माता-पिता गंभीर हालत में बच्चे को लेकर इधर-उधर भटकते नजर आए। इस पूरे मामले ने निजी अस्पतालों में इलाज, मरीजों से लिए जाने वाले शुल्क और गंभीर मरीजों के उपचार की व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

हालांकि, यह पूरी जानकारी वायरल सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर है और इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल प्रबंधन या संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। वहीं, बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी अस्पताल या व्यक्ति को दोषी ठहराना भी उचित नहीं होगा। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस पूरे मामले की वास्तविकता क्या है और बच्चे के इलाज के दौरान आखिर क्या हुआ?