Varanasi Ropeway Fare: 10 रुपये से शुरू होगा सफर, कैंट से गोदौलिया सिर्फ 15 मिनट में पहुंचेंगे यात्री
वाराणसी में लंबे समय से प्रतीक्षित रोप-वे परियोजना को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। रोप-वे के किराए तय कर दिए गए हैं, जिससे शहरवासियों और पर्यटकों को सस्ती, तेज और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा। खास बात यह है कि यात्री मात्र 10 से 50 रुपये के किराए में सफर कर सकेंगे और कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक का सफर महज 15 से 16 मिनट में पूरा हो जाएगा।
10 से 50 रुपये तक होगा किराया
रोप-वे सेवा के लिए अलग-अलग स्टेशनों के बीच दूरी के अनुसार किराया निर्धारित किया गया है। शुरुआती किराया 10 रुपये रखा गया है, जबकि पूरे रूट का सफर करने वाले यात्रियों को अधिकतम 50 रुपये तक भुगतान करना पड़ सकता है।
इस किराया संरचना का उद्देश्य आम लोगों को भी किफायती और आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
कैंट से गोदौलिया तक सिर्फ 15-16 मिनट
वर्तमान में वाराणसी के व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक जाम के कारण कैंट से गोदौलिया पहुंचने में काफी समय लग जाता है। रोप-वे शुरू होने के बाद यही यात्रा केवल 15 से 16 मिनट में पूरी हो सकेगी।
इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी।
काशी विश्वनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत
रोप-वे परियोजना का सबसे बड़ा फायदा काशी आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मिलने वाला है। गोदौलिया तक तेजी से पहुंचने के बाद श्रद्धालु आसानी से Kashi Vishwanath Temple के दर्शन के लिए जा सकेंगे।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ यह सुविधा बुजुर्गों और दूर-दराज से आने वाले यात्रियों के लिए भी काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
वाराणसी की संकरी सड़कों और बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए रोप-वे को एक महत्वपूर्ण शहरी परिवहन परियोजना माना जा रहा है। इसके संचालन से सड़क मार्ग पर वाहनों की संख्या कम होने और लोगों को तेज आवागमन का विकल्प मिलने की उम्मीद है।
शहर की पहचान बनेगा रोप-वे
विशेषज्ञों का मानना है कि रोप-वे सिर्फ परिवहन का साधन नहीं होगा, बल्कि वाराणसी की आधुनिक शहरी पहचान का भी हिस्सा बनेगा। यह देश के चुनिंदा शहरों में शामिल होगा, जहां सार्वजनिक परिवहन के लिए रोप-वे का उपयोग किया जा रहा है।
रोप-वे शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों, पर्यटकों और श्रद्धालुओं को यात्रा में काफी सुविधा मिलेगी, जबकि शहर के यातायात प्रबंधन को भी नया आयाम मिलेगा।