लखनऊ में स्वाइन फ्लू से पहली मौत के बाद यूपी में अलर्ट, अस्पतालों को आइसोलेशन वार्ड तैयार रखने के निर्देश
लखनऊ में स्वाइन फ्लू से पहली मौत सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। स्थिति की समीक्षा के लिए उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी 75 जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों और मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों के साथ बैठक की।
बैठक में अधिकारियों को अस्पतालों में जरूरी तैयारियां पूरी रखने और संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार रखने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी अस्पतालों को आइसोलेशन वार्ड तैयार रखने के लिए कहा गया है। साथ ही जरूरी एंटीवायरल दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
सांस संबंधी गंभीर समस्या वाले मरीजों पर विशेष नजर
स्लखनऊ में स्वाइन फ्लू से पहली मौत के बाद राज्य अलर्ट मोड पर आ गया है। उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य भवन से प्रदेश के सभी 75 जिलों के सीएमओ, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों और मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की।
— Anurag Chaddha (@AnuragChaddha) August 29, 2026
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बैठक में गंभीर सांस संबंधी समस्या के साथ ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों की तत्काल चिकित्सकीय जांच करने पर जोर दिया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों को ऐसे मामलों में लापरवाही नहीं बरतने और जरूरत के अनुसार आगे की जांच व उपचार की व्यवस्था करने को कहा गया है।
लोगों से अफवाहों से बचने की अपील
सरकार ने लोगों से स्वाइन फ्लू को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर घबराने के बजाय जल्द से जल्द चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
सतर्कता और समय पर इलाज पर जोर
स्वास्थ्य विभाग ने जिलों में निगरानी और चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि संदिग्ध मामलों की पहचान समय पर हो और मरीजों को आवश्यकता के अनुसार उपचार उपलब्ध कराया जाए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार सांस से जुड़ी गंभीर समस्या, तेज बुखार या अन्य चिंताजनक लक्षण होने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित है। फिलहाल लखनऊ में हुई मौत के बाद राज्य सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था को अलर्ट मोड पर रखते हुए निगरानी बढ़ा दी है।