मैनपाट में अनोखी शादी: दुल्हन लेकर पहुंची बारात, विदाई के वक्त दूल्हा रो पड़ा, भावुक हुआ पूरा माहौल
छत्तीसगढ़ के “शिमला” के नाम से विख्यात मैनपाट क्षेत्र के सुपलगा गांव से एक बेहद अनोखी शादी सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में लोगों का ध्यान खींच लिया है। इस शादी में परंपरागत रीति-रिवाजों से अलग एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया।
आमतौर पर शादी में वर पक्ष बारात लेकर वधू के घर पहुंचता है, लेकिन इस मामले में पूरी परंपरा उलटी दिखाई दी। यहां दुल्हन खुद बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंची और शादी की सभी रस्में वहीं पर पूरी की गईं।
गांव में हुई इस अनोखी शादी में दोनों पक्षों के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पूरे उत्सव का माहौल पारंपरिक रीति-रिवाजों, गीत-संगीत और उत्साह से भरा रहा। खास बात यह रही कि शादी का खर्च दोनों परिवारों ने मिलकर उठाया, जिससे सामाजिक सहयोग की मिसाल भी देखने को मिली।
शादी की सभी रस्में पूरी होने के बाद जब विदाई का समय आया, तो माहौल अचानक भावुक हो गया। परंपरा के अनुसार, इस बार दूल्हे की विदाई की जा रही थी। इस दौरान दूल्हा अपने माता-पिता के गले लगकर फूट-फूटकर रो पड़ा। यह दृश्य इतना भावुक था कि दूल्हे पक्ष के परिजनों की आंखें भी नम हो गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विदाई का यह पल बेहद मार्मिक था और वहां मौजूद कई लोग अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाए। जहां आमतौर पर विदाई में दुल्हन रोती है, वहीं इस शादी में भूमिकाएं बदल जाने से यह क्षण और भी अनोखा बन गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मैनपाट जैसे आदिवासी और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्रों में कई बार विवाह की परंपराएं अलग और अनूठी देखने को मिलती हैं। यह शादी भी उसी सांस्कृतिक विविधता का एक उदाहरण है, जिसने लोगों को चौंकाने के साथ-साथ भावुक भी कर दिया।
यह अनोखी शादी अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे आधुनिक सोच और समानता का उदाहरण बता रहे हैं, तो कुछ इसे परंपरा से हटकर एक नया प्रयोग मान रहे हैं।