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चलती ट्रेन में TTE बना फरिश्ता, गर्भवती महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराकर जीता दिल

 

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक बेहद भावुक और दिल को छू लेने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक ट्रेन टिकट परीक्षक (TTE) की सूझबूझ और मानवता ने हजारों लोगों का दिल जीत लिया है। इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि चलती ट्रेन में एक गर्भवती महिला की अचानक तबीयत बिगड़ने पर TTE ने तुरंत मदद करते हुए सुरक्षित डिलीवरी करवाई।

यह घटना किसी लंबी दूरी की ट्रेन यात्रा के दौरान की बताई जा रही है, जहां गर्भवती महिला अपने परिजनों के साथ सफर कर रही थी। अचानक उसे तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और स्थिति गंभीर होती चली गई। ट्रेन में मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और तुरंत मदद की जरूरत महसूस हुई।

इसी दौरान TTE ने बिना समय गंवाए स्थिति को संभालने का फैसला किया। वीडियो में और सोशल मीडिया पोस्ट्स के अनुसार, उन्होंने ट्रेन स्टाफ और यात्रियों की मदद से एक अस्थायी सुरक्षित व्यवस्था बनाई और महिला की डिलीवरी प्रक्रिया में सहायता की। इस पूरे दौरान उन्होंने शांति बनाए रखी और जरूरी मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की।

कुछ ही समय में महिला ने सुरक्षित रूप से बच्चे को जन्म दिया, जिसके बाद पूरे कोच में राहत और खुशी का माहौल बन गया। यात्रियों ने TTE की इस तत्परता और मानवीय व्यवहार की जमकर सराहना की। कई लोगों का कहना है कि अगर समय पर मदद नहीं मिलती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।

यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सामने आया, वैसे ही तेजी से वायरल हो गया। लोग इस TTE को “फरिश्ता” और “रियल लाइफ हीरो” कहकर संबोधित कर रहे हैं। हजारों यूजर्स ने उनके इस कदम की तारीफ करते हुए लिखा कि ऐसी घटनाएं ही इंसानियत पर भरोसा मजबूत करती हैं।

हालांकि, कुछ यूजर्स ने यह भी कहा है कि ऐसी आपात स्थितियों में मेडिकल टीम की मदद सबसे जरूरी होती है, लेकिन ट्रेन जैसे सीमित संसाधनों वाले स्थान पर TTE का त्वरित निर्णय बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ।

भारतीय रेलवे में अक्सर ऐसी घटनाएं सामने आती हैं जहां स्टाफ यात्रियों की मदद के लिए आगे आते हैं, लेकिन यह मामला खास इसलिए बन गया क्योंकि इसमें जीवन और मृत्यु के बीच की स्थिति को समय रहते संभाला गया।

फिलहाल यह वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है और लोग इसे एक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में देख रहे हैं। यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि संकट के समय इंसानियत ही सबसे बड़ी ताकत होती है।