अपमान का जवाब देने के लिए जीते-जी ‘तेरहवीं’, सतना के व्यक्ति ने मृत्यु भोज का कार्ड बांटकर सबको चौंकाया
मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक बेहद अनोखी और चर्चा में रहने वाली घटना सामने आई है, जहां रामलोटन कुशवाहा ने जीते-जी अपनी “तेरहवीं” आयोजित करने का फैसला किया है।
जानकारी के अनुसार, रामलोटन कुशवाहा ने पहले देहदान का संकल्प लिया था। लेकिन इसके बाद कुछ लोगों ने उन पर यह कहकर ताने कसे कि वह खर्च बचाने के लिए यह निर्णय ले रहे हैं। इसी बात से आहत होकर उन्होंने अपने आलोचकों को जवाब देने के लिए एक अलग और चौंकाने वाला कदम उठाया।
उन्होंने 13 मई को अपने घर पर मृत्यु भोज (तेरहवीं) आयोजित करने की घोषणा की है और इसके लिए बाकायदा निमंत्रण कार्ड छपवाकर रिश्तेदारों और परिचितों को बांटे हैं।
इस आयोजन की खबर जैसे ही इलाके में फैली, लोगों में हैरानी और चर्चा दोनों शुरू हो गईं। कुछ लोग इसे सामाजिक परंपराओं पर एक प्रतीकात्मक टिप्पणी मान रहे हैं, तो कुछ इसे भावनात्मक प्रतिक्रिया बता रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार है जब किसी ने जीते-जी अपनी तेरहवीं का आयोजन करने का निर्णय लिया हो, जिससे पूरा मामला चर्चा का विषय बन गया है।
रामलोटन कुशवाहा का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी परंपरा का मजाक उड़ाना नहीं है, बल्कि उन लोगों को जवाब देना है जिन्होंने उनके निस्वार्थ संकल्प पर सवाल उठाए थे।
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे लेकर अलग-अलग राय व्यक्त कर रहे हैं।