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पेड़ से बांधकर पीटा, आधा सिर मुंडवाया… सिंगरौली में दबंगों ने 3 नाबालिगों को किस बात की दी तालिबानी सजा?
 

 

मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से तीन नाबालिग बच्चों के साथ कथित बर्बरता का मामला सामने आया है। बरगवां थाना क्षेत्र में मोटर पंप चोरी के शक में 12 से 15 साल की उम्र के तीन बच्चों को कथित तौर पर बंधक बनाकर पीटा गया और उनके सिर के आधे बाल मुंडवा दिए गए। घटना के बाद बच्चे इतने डरे हुए हैं कि परिजनों के मुताबिक उन्होंने घर से बाहर निकलना और स्कूल जाना तक बंद कर दिया है। मामला सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने जांच के निर्देश दिए हैं।

मोटर पंप चोरी के शक में बच्चों को बनाया बंधक

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना 1 अक्टूबर 2026 की है। आरोप है कि तीन नाबालिग बच्चों को सुबह करीब 9 बजे से शाम 4 बजे तक बंधक बनाकर रखा गया। एक बच्चे ने बताया कि वह अपनी मां के कपड़े लेने जा रहा था, तभी उसे छोड़ने का बहाना बनाकर जंगल की ओर ले जाया गया। वहां मोटर पंप चोरी का आरोप लगाते हुए उसके साथ मारपीट की गई। परिजनों का आरोप है कि बच्चों को पेड़ से बांधकर पीटा गया और अपमानित करने के लिए उनके सिर के आधे बाल मुंडवा दिए गए। परिवार ने जातिसूचक गालियां देने का आरोप भी लगाया है। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

थाने में सुनवाई नहीं होने का आरोप

पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद वे शिकायत लेकर बरगवां थाने पहुंचे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद परिजनों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय और अजाक थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। परिवार ने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। 

एसपी ने दिए जांच के निर्देश

रिपोर्ट्स के अनुसार, सिंगरौली के पुलिस अधीक्षक शियाज केएम ने बताया कि बच्चों पर मोटर पंप चोरी का आरोप लगने के बाद दोनों पक्षों के बीच पहले समझौता हुआ था। हालांकि, मारपीट, आधा सिर मुंडवाने और जातिसूचक गालियां देने जैसे गंभीर आरोप सामने आने के बाद उन्होंने बरगवां थाना प्रभारी को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। आरोपों की पुष्टि होने पर कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है। 

डर के कारण स्कूल जाने से भी कतरा रहे बच्चे

परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद तीनों बच्चे भयभीत हैं और सामान्य जीवन में लौटने से डर रहे हैं। बच्चों के साथ कथित मारपीट और अपमान के इस मामले ने बाल सुरक्षा और कानून अपने हाथ में लेने की प्रवृत्ति पर सवाल खड़े किए हैं।किसी पर चोरी का संदेह होने पर भी उसे बंधक बनाकर पीटना या अपमानित करना उचित नहीं है। मामले में अब पुलिस जांच के निष्कर्ष और आरोपियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।