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भारत के इस छोटे से गांव में आते हैं हजारों इजरायली, तृप्त हो जाती है आत्मा; हमेशा याद रखते हैं ये एक्सपीरियंस

 

भारत में कई ऐसी जगहें हैं, जो अपनी प्राकृतिक खूबसूरती या ऐतिहासिक महत्व के कारण मशहूर हैं। लेकिन हिमाचल प्रदेश का एक छोटा सा गांव ऐसा भी है, जहां हर साल बड़ी संख्या में इजरायली पर्यटक पहुंचते हैं। पहाड़ों के बीच बसा यह गांव इजरायल से आने वाले यात्रियों के बीच खास पहचान बना चुका है। यहां आने वाले लोग शांत वातावरण और प्रकृति के बीच बिताए समय को लंबे वक्त तक याद रखते हैं।

इजरायलियों की पसंदीदा जगह बना गांव

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू क्षेत्र में स्थित कसोल और इसके आसपास का इलाका लंबे समय से इजरायली पर्यटकों के बीच लोकप्रिय रहा है। पार्वती घाटी की खूबसूरत वादियां, पहाड़, नदी और शांत माहौल विदेशी यात्रियों को आकर्षित करते हैं।

कसोल में इजरायली पर्यटकों की मौजूदगी इतनी ज्यादा रहती है कि इलाके में कई जगहों पर हिब्रू भाषा में लिखे साइनबोर्ड और इजरायली खाने के विकल्प भी देखने को मिलते हैं। यहां आने वाले यात्रियों के लिए यह जगह भारत और इजरायल की संस्कृतियों के बीच एक अलग तरह का मेल भी दिखाती है।

सेना की सेवा के बाद घूमने निकलते हैं युवा

इजरायल में अनिवार्य सैन्य सेवा के बाद बड़ी संख्या में युवा विदेश यात्रा पर निकलते हैं। भारत भी ऐसे यात्रियों के बीच लंबे समय से लोकप्रिय रहा है। हिमाचल की पार्वती घाटी को खास तौर पर उन युवाओं की पसंदीदा जगहों में गिना जाता है, जो शांत वातावरण में कुछ समय बिताना चाहते हैं।

कई यात्री यहां कई दिनों या हफ्तों तक रुकते हैं। पहाड़ों में ट्रैकिंग, स्थानीय खान-पान, योग और प्रकृति के बीच समय बिताना उनके यात्रा अनुभव का हिस्सा बन जाता है।

क्यों खास है यह जगह?

कसोल और पार्वती घाटी की सबसे बड़ी खासियत यहां का प्राकृतिक वातावरण है। शहरों की भीड़ से दूर पहाड़ों और जंगलों के बीच बसा यह क्षेत्र यात्रियों को अलग तरह का अनुभव देता है।

यहां आने वाले विदेशी पर्यटक सिर्फ घूमने के लिए नहीं, बल्कि कुछ समय सुकून से बिताने के लिए भी रुकते हैं। कई लोगों के लिए पहाड़ों में बिताया गया समय तनाव से दूर रहने और खुद के साथ समय बिताने का मौका बन जाता है।

इजरायली संस्कृति की भी दिखती है झलक

कसोल में लंबे समय से इजरायली पर्यटकों की आवाजाही के कारण स्थानीय बाजार और कैफे संस्कृति पर भी इसका प्रभाव देखने को मिलता है। कुछ रेस्तरां में इजरायली व्यंजन मिलते हैं और कई जगह हिब्रू भाषा के बोर्ड नजर आते हैं।

हालांकि कसोल सिर्फ इजरायली पर्यटकों तक सीमित नहीं है। भारत और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले पर्यटक भी पार्वती घाटी की प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद लेने पहुंचते हैं।

यादगार बन जाता है पहाड़ों का सफर

इजरायली यात्रियों के लिए हिमाचल की यह यात्रा सिर्फ एक सामान्य टूर नहीं रह जाती। पहाड़ों के बीच शांत वातावरण, स्थानीय लोगों से मुलाकात और प्रकृति के करीब बिताया गया समय उनके लिए खास अनुभव बन जाता है।

यही वजह है कि हिमाचल का यह छोटा सा पहाड़ी इलाका इजरायली पर्यटकों के बीच वर्षों से लोकप्रिय बना हुआ है। कसोल और पार्वती घाटी की खूबसूरती ने इसे भारत में इजरायली यात्रियों की पसंदीदा जगहों में एक खास पहचान दिलाई है।