पेड़ों को अपना भाई मानती है ये लड़की, हर साल बांधती है राखी, जानिए क्या है वजह
पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाने के तमाम प्रयासों के बीच, हिमाचल प्रदेश की एक किशोरी ने एक अनोखी पहल से सबका ध्यान खींचा है।
लाहौल-स्पीति जिले की रहने वाली कल्पना ठाकुर ने बचपन से ही पेड़ों को अपना भाई मान लिया है और हर साल रक्षाबंधन पर वह इन्हें राखी बांधती हैं। इसके साथ ही वह पेड़ों की नियमित देखभाल भी करती हैं, जिससे उनके लगाए पौधे अब मजबूत वृक्ष बनते जा रहे हैं।
14 साल की नन्हीं पर्यावरणविद की बड़ी सोच
14 वर्षीय कल्पना ने न केवल पेड़ों को बचाने का बीड़ा उठाया है बल्कि पर्यावरण संरक्षण और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों का संदेश भी देशभर में फैलाया है।
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कल्पना ने 18,000 फुट ऊंची मूलिंग पीक और 18,870 फीट ऊंची खारदुंगला पीक को फतह कर पर्यावरण जागरूकता का संदेश दिया।
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उनके इस अनूठे प्रयास की देशभर में सराहना हो रही है।
सम्मान और उपलब्धियां
कल्पना ठाकुर को राष्ट्रीय एकात्मकता पुरस्कार से नवाजा गया है। इसके अलावा, हिमोत्कर्ष साहित्य संस्कृति एवं जनकल्याण परिषद की ओर से भी उन्हें पर्यावरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया है।
दिलचस्प बात यह है कि कल्पना के पिता भी पर्यावरण सेवा के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं और उन्हें 'ग्रीन मैन' अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
हरियाली बचाने का संदेश
रक्षाबंधन के मौके पर पेड़ों को राखी बांधने की कल्पना की परंपरा, पेड़-पौधों के संरक्षण का एक सुंदर और प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।
उनकी पहल यह संदेश देती है कि प्रकृति से जुड़कर ही हम पृथ्वी को हराभरा और प्रदूषणमुक्त बना सकते हैं।