MRP से ज्यादा वसूली पर मचा बवाल, दुकानदार का जवाब वायरल
क्या आपके साथ भी दुकानदार ने MRP से ज्यादा पैसे लिए हैं? सोशल मीडिया पर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे लेकर लोगों के बीच बहस शुरू हो गई है।एक महिला ने दावा किया कि उन्होंने दुकान से Lakmé का फेसवॉश खरीदा, जिस पर पैकेट में MRP ₹135 लिखी हुई थी। लेकिन दुकानदार ने उनसे सामान के बदले ₹140 मांगे।
अभी दुकान से Lakme का फेसवॉश लिया। पैकेट पर MRP ₹135 लिखी थी। पर दुकानदार ने ₹140 मांगे।
— Shagufta khan (@Digital_khan01) September 10, 2026
जब मैंने पूछा कि ₹5 ज्यादा क्यों ले रहे हो, तो दुकानदार बोला: “कंपनी वाले रेट कम देते हैं, हमें तो ₹5 ऊपर से ही देने पड़ते हैं।”
भाई, जब कानूनन MRP से ज्यादा पैसा लेना जुर्म है, तो… pic.twitter.com/hG9HoVWNs3
अभी दुकान से Lakme का फेसवॉश लिया। पैकेट पर MRP ₹135 लिखी थी। पर दुकानदार ने ₹140 मांगे।
— Shagufta khan (@Digital_khan01) September 10, 2026
जब मैंने पूछा कि ₹5 ज्यादा क्यों ले रहे हो, तो दुकानदार बोला: “कंपनी वाले रेट कम देते हैं, हमें तो ₹5 ऊपर से ही देने पड़ते हैं।”
भाई, जब कानूनन MRP से ज्यादा पैसा लेना जुर्म है, तो… pic.twitter.com/hG9HoVWNs3
जब महिला ने दुकानदार से पूछा कि MRP से ₹5 ज्यादा क्यों लिए जा रहे हैं, तो कथित तौर पर दुकानदार ने जवाब दिया कि कंपनी उन्हें कम रेट पर सामान देती है और ₹5 का नुकसान उन्हें अपनी जेब से उठाना पड़ता है।इसके बाद महिला ने सवाल उठाया कि अगर पैकेट पर MRP ₹135 लिखी है, तो ग्राहक से ₹140 क्यों वसूले जा रहे हैं?यह मामला सामने आने के बाद एक बड़ा सवाल खड़ा होता है—क्या दुकानदार MRP से ऊपर अपनी मर्जी से कीमत वसूल सकते हैं? और अगर कंपनी की ओर से उन्हें किसी तरह का नुकसान हो रहा है, तो उसका भार ग्राहक की जेब पर डालना कितना सही है?
आम ग्राहक अक्सर छोटी रकम समझकर ऐसे मामलों को नजरअंदाज कर देता है। लेकिन अगर हर सामान पर ₹2, ₹5 या ₹10 अतिरिक्त वसूले जाएं, तो रोजाना खरीदारी करने वाले लोगों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।हालांकि, इस विशेष मामले में दुकानदार का पक्ष और घटना की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए वायरल पोस्ट के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले पूरी जानकारी सामने आना जरूरी है।
आपके साथ कभी MRP से ज्यादा पैसे मांगे गए हैं?
अगर हां, तो क्या आपने दुकानदार से सवाल किया या फिर छोटी रकम समझकर छोड़ दिया?