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अस्पताल में Nursing Staff की Reel पर मचा बवाल! ड्यूटी के बीच रीलबाजी पर उठे सवाल

 

अस्पताल इलाज और मरीजों की देखभाल की जगह है… लेकिन जब इसी जगह से रील का वीडियो सामने आए तो सवाल उठना लाजिमी है।सोशल मीडिया पर एक वीडियो चर्चा में है, जिसमें नर्सिंग से जुड़ी कुछ लड़कियां अस्पताल के माहौल में रील बनाती नजर आ रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग उनके व्यवहार और अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर रील बनाने को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

आखिर कुछ लड़कियां अपने Professiona को भूल कर कही भी शुरू हो जाती है।

हॉस्पिटल में नर्सिंग की लड़कियों को इस तरह हर जगह रीलबाजी नहीं करना चाहिए।

अगर रीलबाजी ही करनी थी तो Medical लाइन का Profession....Read News pic.twitter.com/u5Pnl5tz5j

— Rinku Yadav (@Yadav_2027) September 18, 2026

आखिर कुछ लड़कियां अपने Professiona को भूल कर कही भी शुरू हो जाती है।

हॉस्पिटल में नर्सिंग की लड़कियों को इस तरह हर जगह रीलबाजी नहीं करना चाहिए।

अगर रीलबाजी ही करनी थी तो Medical लाइन का Profession....Read News pic.twitter.com/u5Pnl5tz5j

— Rinku Yadav (@Yadav_2027) September 18, 2026


लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर रील बनाना किसी की निजी पसंद हो सकती है, लेकिन अस्पताल के अंदर, खासकर ड्यूटी के दौरान, मरीजों की निजता, सुरक्षा और अस्पताल के अनुशासन का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।नर्सिंग सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि मरीजों की देखभाल और जिम्मेदारी से जुड़ा पेशा है। भारतीय नर्सिंग काउंसिल से जुड़े पेशेवर आचार में भी नर्सों के लिए मरीज की गरिमा, सुरक्षित देखभाल और पेशेवर आचरण पर जोर दिया गया है।

ऐसे मामलों में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर रील बनाने से मरीजों की निजता प्रभावित होती है, ड्यूटी में बाधा आती है या अस्पताल का अनुशासन टूटता है, तो क्या ऐसी गतिविधियों की इजाजत होनी चाहिए?दरअसल, इससे पहले भी अस्पताल परिसर में रील बनाने को लेकर कार्रवाई हो चुकी है। 2026 में भागलपुर के मायागंज अस्पताल में ड्यूटी के दौरान रील बनाने के आरोप में चार स्टाफ नर्सों से स्पष्टीकरण मांगा गया था।

वहीं 2024 में कर्नाटक के गडग इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में अस्पताल परिसर में रील बनाने वाले 38 मेडिकल छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।हालांकि, किसी भी वायरल वीडियो को देखकर तुरंत यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि इसमें दिख रहे लोगों ने ड्यूटी के दौरान ही नियम तोड़े या मरीजों की देखभाल प्रभावित की। इसके लिए वीडियो का पूरा संदर्भ और संबंधित संस्थान का पक्ष भी जरूरी है।