कानून की मदद करने पहुंचा था युवक, खुद ही बन गया पीड़ित, देखें वायरल वीडियो
उत्तर दिल्ली से सामने आया एक मामला पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।यादव नगर के रहने वाले समीर अपनी मां के साथ रहते हैं और ई-रिक्शा चलाकर परिवार का खर्च चलाते हैं। बताया जा रहा है कि हाल ही में उनका ई-रिक्शा चोरी हो गया था।
📍 नॉर्थ दिल्ली
— Gen-Z of India (@GenZ_of_India_) September 9, 2026
यादव नगर निवासी समीर अपनी मां के साथ रहता है और ई-रिक्शा चलाकर परिवार का खर्च उठाता है।
हाल ही में उसका ई-रिक्शा चोरी हो गया। समीर ने खुद तलाश कर ई-रिक्शा और कथित चोर को पकड़ लिया और दोनों को लेकर थाने पहुंचा।
आरोप है कि चोरी की शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय… pic.twitter.com/S4TJLcfZBE
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यादव नगर निवासी समीर अपनी मां के साथ रहता है और ई-रिक्शा चलाकर परिवार का खर्च उठाता है।
हाल ही में उसका ई-रिक्शा चोरी हो गया। समीर ने खुद तलाश कर ई-रिक्शा और कथित चोर को पकड़ लिया और दोनों को लेकर थाने पहुंचा।
आरोप है कि चोरी की शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय… pic.twitter.com/S4TJLcfZBE
ई-रिक्शा चोरी होने के बाद समीर ने खुद उसकी तलाश शुरू की। दावा है कि काफी कोशिशों के बाद उन्होंने कथित तौर पर ई-रिक्शा और उसे चोरी करने वाले संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया और दोनों को लेकर पुलिस थाने पहुंच गए, ताकि पुलिस मामले में कार्रवाई कर सके।लेकिन आरोप है कि चोरी की शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय थाने में पुलिसकर्मियों ने समीर के साथ कथित तौर पर मारपीट की।
अगर ये आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो मामला बेहद गंभीर है। जिस युवक ने अपनी मेहनत से चोरी हुआ ई-रिक्शा खोजा और कथित आरोपी को पुलिस के हवाले किया, अगर उसी के साथ थाने के अंदर मारपीट होने का आरोप सामने आता है, तो यह आम आदमी के पुलिस और कानून व्यवस्था पर भरोसे से जुड़ा बड़ा सवाल बन जाता है।समीर जैसे लोगों के लिए उनका ई-रिक्शा सिर्फ एक वाहन नहीं, बल्कि परिवार की रोजी-रोटी का साधन है। ऐसे में चोरी के बाद उसे खुद तलाशना और फिर पुलिस तक पहुंचाना साहस की बात है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—
क्या इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी?
अगर पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो क्या उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी?
और आखिर आम नागरिक अपनी शिकायत लेकर पुलिस के पास जाए तो उसे सुरक्षा और न्याय का भरोसा कैसे मिले?वायरल पोस्ट में लगाए गए पुलिस मारपीट के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का आधिकारिक पक्ष और जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी।