दुनिया का अनोखा ज्वालामुखी, जहां लाल नहीं बल्कि नीले रंग का लावा निकलता है! रहस्य देखकर वैज्ञानिक भी हैरान
जब भी हम ज्वालामुखी की कल्पना करते हैं, तो आंखों के सामने आग की तरह चमकता लाल-नारंगी लावा और धुएं से भरा आसमान दिखाई देता है। लेकिन क्या आपने कभी ऐसा ज्वालामुखी देखा है, जहां से लाल नहीं बल्कि नीले रंग का लावा निकलता हो? दुनिया में एक ऐसा ही रहस्यमयी ज्वालामुखी मौजूद है, जो अपनी अनोखी घटना की वजह से लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
इंडोनेशिया के कावा इजेन (Kawah Ijen) ज्वालामुखी को दुनिया के सबसे अनोखे ज्वालामुखियों में गिना जाता है। यहां रात के समय निकलने वाली नीली चमक देखकर ऐसा लगता है जैसे ज्वालामुखी से नीली आग बह रही हो।
आखिर क्यों निकलता है नीला लावा?
दरअसल, वैज्ञानिकों के अनुसार कावा इजेन से निकलने वाला यह नीला रंग असल में लावा का रंग नहीं होता। ज्वालामुखी से निकलने वाली सल्फर गैसों की वजह से यह अनोखी घटना दिखाई देती है।
जब ज्वालामुखी के अंदर से निकलने वाली सल्फर गैसें बेहद अधिक तापमान पर बाहर आती हैं और हवा के संपर्क में पहुंचती हैं, तो वे जलने लगती हैं। इस दौरान सल्फर की लपटें नीले रंग में चमकती हैं, जिससे ऐसा भ्रम होता है कि ज्वालामुखी से नीला लावा निकल रहा है।
रात में दिखता है सबसे अद्भुत नजारा
कावा इजेन का यह दृश्य दिन के मुकाबले रात में ज्यादा साफ दिखाई देता है। अंधेरे में सल्फर की नीली लपटें बेहद चमकदार नजर आती हैं और पूरा इलाका किसी दूसरी दुनिया जैसा लगने लगता है।
यही वजह है कि दुनिया भर के फोटोग्राफर और पर्यटक इस अनोखे नजारे को देखने और कैमरे में कैद करने के लिए यहां पहुंचते हैं।
ज्वालामुखी के अंदर मौजूद है दुनिया की सबसे बड़ी अम्लीय झील
कावा इजेन की एक और खासियत यहां मौजूद विशाल क्रेटर झील है। इसे दुनिया की सबसे बड़ी अम्लीय (एसिडिक) झीलों में से एक माना जाता है। झील का रंग हरा-नीला दिखाई देता है, जो इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देता है।
हालांकि, इस क्षेत्र में मौजूद सल्फर गैसों की वजह से यहां जाना जोखिम भरा भी हो सकता है। पर्यटकों को सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी होता है।
प्रकृति का हैरान कर देने वाला करिश्मा
कावा इजेन ज्वालामुखी इस बात का उदाहरण है कि प्रकृति कितनी अनोखी और रहस्यमयी हो सकती है। जहां आमतौर पर ज्वालामुखी लाल गर्म लावे के लिए जाने जाते हैं, वहीं यह स्थान अपनी नीली चमकती सल्फर लपटों की वजह से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है।
यही कारण है कि यह ज्वालामुखी वैज्ञानिकों के साथ-साथ पर्यटकों और फोटोग्राफरों के लिए भी आकर्षण का बड़ा केंद्र बना हुआ है।