इस जानवर की पॉटी से बनती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, कीमत 12 हजार रुपए किलो; फिर भी मजे लेकर पीते हैं लोग
दुनिया में कॉफी की कई किस्में मशहूर हैं, लेकिन एक ऐसी कॉफी भी है जिसे बनाने का तरीका सुनकर शायद आपको यकीन न हो। इसे एक खास जानवर के मल से निकले कॉफी बीन्स से तैयार किया जाता है। यही वजह है कि इसे दुनिया की सबसे अनोखी और महंगी कॉफी में शामिल किया जाता है। हैरानी की बात यह है कि इसकी कीमत हजारों रुपये प्रति किलो होने के बावजूद लोग इसे बड़े शौक से पीते हैं।
किस जानवर से जुड़ी है यह कॉफी
दरअसल, यह कॉफी एशियाई पाम सिवेट नाम के छोटे स्तनधारी जानवर से जुड़ी है। इसे आम बोलचाल में सिवेट कैट भी कहा जाता है। इस जानवर के पाचन तंत्र से गुजरने के बाद कॉफी के बीन्स में बदलाव आता है और इन्हें साफ करके, सुखाकर और भूनने के बाद कॉफी तैयार की जाती है।
इसी प्रक्रिया के कारण इस कॉफी को आम कॉफी से अलग स्वाद और खुशबू वाली माना जाता है।
कैसे तैयार होती है कॉफी
सिवेट आम तौर पर कॉफी चेरी यानी कॉफी के फल खाता है। फल का गूदा उसके पाचन तंत्र में पच जाता है, जबकि कॉफी के बीन्स पूरी तरह पच नहीं पाते। बाद में ये बीन्स उसके मल के साथ बाहर निकलते हैं।
इसके बाद बीन्स को इकट्ठा करके अच्छी तरह साफ किया जाता है। उन्हें सुखाया जाता है और फिर रोस्ट करके कॉफी तैयार की जाती है। इस पूरी प्रक्रिया की वजह से यह कॉफी बेहद अलग और दुर्लभ मानी जाती है।
12 हजार रुपये किलो तक कीमत
इस कॉफी की कीमत बाजार और इसकी गुणवत्ता के आधार पर काफी अलग-अलग हो सकती है। कई जगह इसकी कीमत करीब 12 हजार रुपये प्रति किलो या उससे भी ज्यादा बताई जाती है। इसकी ऊंची कीमत की एक बड़ी वजह इसका दुर्लभ होना और इसे तैयार करने की विशेष प्रक्रिया है।
कॉफी के शौकीन लोग इसके स्वाद को सामान्य कॉफी से अलग बताते हैं। कुछ लोगों के मुताबिक इसमें ज्यादा मुलायम स्वाद और अलग तरह की खुशबू महसूस होती है।
आखिर इतनी महंगी क्यों?
सिवेट कॉफी को महंगा बनाने के पीछे कई कारण हैं। सबसे पहले इसका उत्पादन सीमित है। इसके अलावा बीन्स को इकट्ठा करने, साफ करने, सुखाने और प्रोसेस करने में अतिरिक्त मेहनत लगती है।
इसके अनोखे उत्पादन की कहानी भी इसे दुनिया भर में आकर्षण का केंद्र बनाती है। कई पर्यटक और कॉफी प्रेमी सिर्फ इस खास अनुभव के लिए इसे आजमाना चाहते हैं।
जानवरों की सुरक्षा पर भी उठते हैं सवाल
हालांकि सिवेट कॉफी जितनी मशहूर है, उतनी ही इसके उत्पादन को लेकर बहस भी होती है। कुछ जगहों पर सिवेट को पिंजरे में रखकर कॉफी चेरी खिलाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में पशु कल्याण से जुड़े संगठन प्राकृतिक और जिम्मेदार तरीके से तैयार की गई कॉफी खरीदने की सलाह देते हैं।
यानी जिस कॉफी की खासियत उसके बनने की अनोखी प्रक्रिया है, उसके साथ यह सवाल भी जुड़ा है कि इसे तैयार करते समय जानवरों के साथ कैसा व्यवहार किया गया।
फिर भी, अपनी अनोखी कहानी, अलग स्वाद और दुर्लभता के कारण सिवेट कॉफी आज भी दुनिया की सबसे चर्चित और महंगी कॉफी में गिनी जाती है। कई लोग इसके बारे में जानकर हैरान होते हैं कि जिस चीज को आम तौर पर लोग देखकर भी दूर भागते हैं, उसी प्रक्रिया से जुड़ी कॉफी के लिए लोग हजारों रुपये खर्च करने को तैयार हैं।