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जिस मॉल में गाड़ियां चलाकर करनी थी खरीदारी, वहां गूंजने लगी कैदियों की चीखें, जानिए आखिर कैसे बना कैदखाना?

 

दुनिया में कई ऐसी इमारतें हैं, जिनका इतिहास बेहद हैरान करने वाला है। ऐसी ही एक इमारत वेनेजुएला की राजधानी कराकास में स्थित एल हेलिकोइड है। कभी इसे भविष्य का ऐसा शानदार शॉपिंग सेंटर बनाने की योजना थी, जहां लोग अपनी कार चलाकर सीधे दुकानों तक पहुंच सकते थे। लेकिन राजनीतिक उथल-पुथल और आर्थिक परिस्थितियों ने इसका पूरा भविष्य बदल दिया। जिस जगह पर कभी खरीदारी और आधुनिक जिंदगी का सपना देखा गया था, वही आगे चलकर देश की कुख्यात जेल और हिरासत केंद्रों में से एक बन गई।

कार से सीधे दुकान तक पहुंचने की थी योजना

एल हेलिकोइड का निर्माण 1950 के दशक में वेनेजुएला के तेल-आधारित आर्थिक उछाल के दौर में शुरू हुआ था। इसका डिजाइन बेहद अनोखा था। पहाड़ी के चारों ओर सर्पिल आकार में बनी इस विशाल संरचना में करीब 2.5 मील लंबी रैंप व्यवस्था तैयार की गई थी, ताकि ग्राहक अपनी कार चलाते हुए सीधे शॉपिंग एरिया तक पहुंच सकें। इसे दुनिया के पहले ड्राइव-इन या ड्राइव-थ्रू शॉपिंग मॉल के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना थी।

इमारत में सैकड़ों दुकानों के साथ मनोरंजन और अन्य सुविधाओं की कल्पना की गई थी। उस समय इसे आधुनिक वास्तुकला और भविष्य की जीवनशैली का प्रतीक माना जाता था। मशहूर कवि पाब्लो नेरुदा तक इसकी वास्तुकला से प्रभावित थे।

सत्ता बदली और अधूरा रह गया सपना

लेकिन इस महत्वाकांक्षी परियोजना का सपना पूरा नहीं हो सका। 1958 में सैन्य शासक मार्कोस पेरेज जिमेनेज के सत्ता से हटने के बाद निर्माण कार्य ठप पड़ गया। अधूरी विशाल इमारत लंबे समय तक वीरान पड़ी रही।

बाद में इस इमारत का इस्तेमाल अलग-अलग सरकारी उद्देश्यों के लिए किया जाने लगा। 1979 में इसे बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी आश्रय के तौर पर भी इस्तेमाल किया गया। इसके बाद 1980 के दशक में सरकारी खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां यहां आ गईं।

शॉपिंग मॉल से बन गया जेल

धीरे-धीरे एल हेलिकोइड का इस्तेमाल हिरासत केंद्र के तौर पर होने लगा। जिस जगह दुकानों और ग्राहकों की आवाजाही की कल्पना की गई थी, वहीं बाद में कैदियों को रखा जाने लगा। अधूरी दुकानों, कार्यालयों और यहां तक कि सीढ़ियों के आसपास के हिस्सों को भी कैदियों के लिए इस्तेमाल किया गया।

आगे चलकर यह स्थान राजनीतिक बंदियों और कथित यातनाओं के लिए कुख्यात हो गया। पूर्व बंदियों ने यहां बेहद कठोर परिस्थितियों और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। इस तरह एक समय आधुनिकता और उपभोक्तावाद का प्रतीक माना जाने वाला एल हेलिकोइड वेनेजुएला की राजनीतिक दमन की कहानी का प्रतीक बन गया।

दुनिया की सबसे अजीब इमारतों में क्यों गिना जाता है?

एल हेलिकोइड की कहानी इसलिए भी अनोखी है क्योंकि एक ही इमारत की कल्पना पहले कारों से आने वाले ग्राहकों के लिए की गई थी और बाद में वही कैदियों के लिए जेल बन गई। इसकी सर्पिल संरचना आज भी उस अधूरे सपने की याद दिलाती है।

यानी जिस जगह पर कभी कारों की आवाजाही, दुकानों की रौनक और आधुनिक खरीदारी का सपना देखा गया था, वहां समय के साथ कैदियों की जिंदगी और हिरासत की कठोर वास्तविकता ने जगह ले ली। यही विरोधाभास एल हेलिकोइड को दुनिया की सबसे असाधारण वास्तु और राजनीतिक कहानियों में शामिल करता है।