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थाईलैंड की महारानी ने पहली बार अकेले उड़ाया ग्रिपेन फाइटर जेट, जमीन पर बैठकर राजा को बोला थैंक्यू

 

थाईलैंड की महारानी सुथिदा ने 8 अक्टूबर को अकेले ग्रिपेन फाइटर जेट उड़ाकर विमानन के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। दक्षिणी थाईलैंड के सूरत थानी प्रांत स्थित विंग-7 एयरबेस से उन्होंने स्वीडन में निर्मित JAS 39C ग्रिपेन लड़ाकू विमान की पहली सोलो उड़ान भरी। इस खास मौके पर थाईलैंड के राजा महा वजिरालोंगकोर्न भी एयरबेस पर मौजूद थे। महारानी की उड़ान के बाद राजा ने उन्हें फूलों का गुलदस्ता दिया और विशेष गोल्डन पैच से सम्मानित किया। इसके बाद महारानी जमीन पर बैठकर हाथ जोड़ते हुए राजा का आभार जताती दिखाई दीं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। 

41 मिनट तक आसमान में रहा लड़ाकू विमान

महारानी सुथिदा ने 8 अक्टूबर की सुबह अपनी पहली सोलो ग्रिपेन उड़ान पूरी की। उड़ान से पहले उन्होंने अधिकारियों से फ्लाइट प्लान की जानकारी ली और विमान की जांच की। इसके बाद वह सिंगल-सीट JAS 39C ग्रिपेन में सवार हुईं और रनवे-22 से उड़ान भरी।रिपोर्टों के मुताबिक, यह उड़ान लगभग 41 मिनट की थी। राजा महा वजिरालोंगकोर्न ने जमीन से विमान के टेकऑफ और लैंडिंग को देखा। सुरक्षित लैंडिंग के बाद महारानी विमान से उतरीं तो राजा ने उन्हें बधाई दी। 

राजा ने दिया खास गोल्डन पैच

महारानी की इस उपलब्धि के बाद राजा ने उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट किया। साथ हीउन्हें ‘ग्रिपेन ऑर्डर गोल्डन पैच’ दिया गया। यह सुनहरे धागों से कढ़ाई किया गया विशेष प्रतीक है, जो ग्रिपेन विमान उड़ाने वाले पायलटों को सम्मान के तौर पर दिया जाता है।सम्मान प्राप्त करने के बाद महारानी ने पारंपरिक अंदाज में जमीन पर बैठकर हाथ जोड़ते हुए राजा के प्रति आभार व्यक्त किया। इसी पल का वीडियो लोगों का ध्यान खींच रहा है।

पहले एयर होस्टेस थीं महारानी सुथिदा

48 वर्षीय महारानी सुथिदा का विमानन से पुराना नाता रहा है। वह पहले थाई एयरवेज में फ्लाइट अटेंडेंट के तौर पर काम कर चुकी हैं। उन्होंने वर्ष 2010 में पायलट का लाइसेंस हासिल किया था और विभिन्न प्रकार के विमानों में 1,188 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव दर्ज किया है।राजा से विवाह करने से पहले उन्होंने सुरक्षा बलों में भी सेवा दी थी। वह कई शाही यात्राओं में राजा के साथ सह-पायलट के रूप में भी उड़ान भर चुकी हैं। हालांकि, ग्रिपेन जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान को अकेले उड़ाना उनके लिए एक अलग तरह की उपलब्धि है। 

सोलो उड़ान से पहले ली विशेष ट्रेनिंग

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, महारानी ने अकेले ग्रिपेन उड़ाने से पहले कई सप्ताह तक सिम्युलेटर पर प्रशिक्षण लिया। इसके अलावा उन्होंने दो सीटों वाले ग्रिपेन विमान में करीब 10 घंटे उड़ान का अभ्यास भी किया। इसके बाद उन्होंने सिंगल-सीट विमान में सोलो उड़ान पूरी की। महारानी सुथिदा की इस उपलब्धि को थाईलैंड के शाही परिवार और विमानन जगत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनकी उड़ान ने यह भी दिखाया कि वर्षों के अनुभव और विशेष प्रशिक्षण के बाद वह लड़ाकू विमान को अकेले उड़ाने में सक्षम हैं।