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भारत की वो जगह, जहां लोग हर दिन ले रहे फॉरेन ट्रिप! गाय-बकरी चराने भी जाते हैं विदेश, दारू खरीद आ जाते हैं वापस

 

विदेश घूमने का सपना हर किसी का होता है, लेकिन क्या आपने कभी ऐसी जगह के बारे में सुना है जहां लोग रोजाना बिना पासपोर्ट और वीजा के दूसरे देश की सीमा में चले जाते हैं? भारत में एक ऐसी जगह मौजूद है, जहां अंतरराष्ट्रीय सीमा इतनी करीब है कि स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी ही दो देशों के बीच बंटी हुई है। यहां लोग अपने काम के सिलसिले में सीमा पार चले जाते हैं और कुछ समय बाद वापस भारत लौट आते हैं। कई बार लोग पशु चराने, खेतों से जुड़े काम या रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी सीमा के दूसरी तरफ पहुंच जाते हैं।

भारत की कई सीमावर्ती बस्तियों में रहने वाले लोगों के लिए दूसरे देश की सीमा कोई पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। खासतौर पर भारत और नेपाल की खुली सीमा के आसपास रहने वाले लोगों की आवाजाही लंबे समय से दोनों देशों के बीच होती रही है। भारत और नेपाल के बीच कई हिस्सों में खुली सीमा व्यवस्था है, जिसके कारण दोनों देशों के नागरिकों को कई स्थानों पर सामान्य आवागमन की सुविधा मिलती है।

यही वजह है कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए दूसरे देश में जाना किसी विदेशी यात्रा जैसा नहीं लगता। वे बाजार, रिश्तेदारी, रोजगार और अन्य दैनिक जरूरतों के लिए सीमा के आर-पार आते-जाते हैं। कुछ इलाकों में लोगों के खेत या चरागाह भी सीमा के आसपास होते हैं, जिसके कारण पशुओं को चराने या खेती से जुड़े काम के दौरान सीमा पार जाना संभव हो जाता है।

नेपाल सीमा से लगे कई भारतीय इलाकों में स्थानीय बाजारों और परिवारों के बीच भी लंबे समय से संबंध रहे हैं। कई जगहों पर दोनों देशों के लोगों के बीच सामाजिक और पारिवारिक रिश्ते भी हैं। ऐसे में सीमा पार जाना वहां रहने वाले लोगों के लिए सामान्य गतिविधि बन जाती है।

सोशल मीडिया पर अक्सर भारत-नेपाल सीमा से जुड़े वीडियो वायरल होते हैं, जिनमें लोग कुछ ही मिनटों में एक देश से दूसरे देश में पहुंचते दिखाई देते हैं। कहीं सड़क के एक तरफ भारत और दूसरी तरफ नेपाल लिखा दिखाई देता है, तो कहीं बाजार और घर सीमा के बिल्कुल नजदीक नजर आते हैं। ऐसे दृश्य देखकर दूर-दराज के लोगों को यह किसी अनोखी विदेशी यात्रा जैसा लग सकता है।

शराब खरीदने की बात भी कई सीमा क्षेत्रों के संदर्भ में सोशल मीडिया पोस्ट में कही जाती है। हालांकि, यह हर सीमा क्षेत्र या हर व्यक्ति की रोजमर्रा की गतिविधि नहीं है। शराब की खरीद-बिक्री और उसे सीमा पार ले जाने के नियम अलग-अलग परिस्थितियों में लागू हो सकते हैं। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि सीमा क्षेत्र में रहने वाला हर व्यक्ति रोजाना विदेश जाकर शराब खरीदकर भारत लौटता है।

भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर अलग-अलग देशों के साथ अलग-अलग नियम लागू होते हैं। भारत-नेपाल सीमा की खुली प्रकृति को भारत-पाकिस्तान या भारत-चीन जैसी सीमाओं से तुलना नहीं की जा सकती। कई जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय नियमों के तहत आवाजाही को नियंत्रित भी किया जाता है।

इसलिए अगर आप कभी ऐसी जगह की तस्वीर या वीडियो देखें जहां लोग कुछ कदम चलकर दूसरे देश में पहुंचते दिखाई दें, तो यह जरूरी नहीं कि वे किसी खास विदेशी यात्रा पर निकले हों। सीमावर्ती इलाकों में अंतरराष्ट्रीय सीमा स्थानीय लोगों के जीवन का हिस्सा हो सकती है।

यानी भारत में ऐसी जगहें वास्तव में मौजूद हैं जहां लोगों के लिए विदेश जाना रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा जैसा है। गाय-बकरी चराने से लेकर बाजार जाने और रिश्तेदारों से मिलने तक, सीमा के आर-पार होने वाली आवाजाही इन इलाकों की खास पहचान है। यही वजह है कि दूर से देखने वालों के लिए यह किसी दिलचस्प ‘फॉरेन ट्रिप’ से कम नहीं लगता।