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झालमुड़ी वाले से दबंगई करने लगा शख्स, थप्पड़ जड़ पलट दी पूरी दुकान, लोग बोले- क्या गरीब होना गुनाह है?
 

 

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से चर्चा में है, जिसमें एक शख्स सड़क किनारे झालमुड़ी बेचने वाले दुकानदार से कथित तौर पर बदसलूकी करता दिखाई दे रहा है। वीडियो में शख्स पहले ठेले वाले से बहस करता नजर आता है और फिर उसे थप्पड़ मार देता है। इसके बाद वह ठेले पर रखा सामान भी इधर-उधर फेंकता दिखाई देता है। वीडियो सामने आने के बाद लोग इस व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं।

वायरल वीडियो में सड़क किनारे एक झालमुड़ी विक्रेता अपनी दुकान लगाए बैठा दिखाई देता है। इसी दौरान एक शख्स वहां पहुंचता है और उससे किसी बात को लेकर बहस करने लगता है। कुछ ही देर में विवाद बढ़ता नजर आता है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि शख्स ने दुकानदार के साथ हाथापाई की और उसका सामान भी अस्त-व्यस्त कर दिया।

घटना के दौरान वहां मौजूद कुछ लोग पूरे मामले को देखते रहे। वीडियो रिकॉर्ड करने वाला व्यक्ति भी घटनाक्रम को कैमरे में कैद करता नजर आता है। दुकानदार की दुकान का सामान सड़क पर बिखरा हुआ दिखाई देता है। इस दृश्य को देखकर सोशल मीडिया यूजर्स तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने दुकानदार के समर्थन में आवाज उठाई। कुछ यूजर्स ने सवाल किया कि अगर किसी बात को लेकर विवाद था तो उसे बातचीत से सुलझाया जा सकता था। किसी छोटे दुकानदार के साथ मारपीट करना या उसकी रोजी-रोटी का सामान बर्बाद करना उचित नहीं है।

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसी संदर्भ में लिखा, 'क्या गरीब होना गुनाह है?' लोगों का कहना है कि सड़क किनारे ठेला लगाने वाले लोग भी मेहनत करके अपना और अपने परिवार का पेट पालते हैं। उनके सामान को नुकसान पहुंचाने से सीधे उनकी रोजी-रोटी प्रभावित होती है।

हालांकि, वायरल वीडियो में घटना की पूरी पृष्ठभूमि स्पष्ट नहीं है। विवाद किस वजह से शुरू हुआ, वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों के बीच पहले क्या बातचीत हुई और घटना के बाद पुलिस में कोई शिकायत दर्ज हुई या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हो पाई है। इसलिए वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

फिलहाल वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। लोगों की सबसे ज्यादा नाराजगी इस बात को लेकर है कि विवाद चाहे किसी भी वजह से हुआ हो, कानून अपने हाथ में लेने और किसी की दुकान या सामान को नुकसान पहुंचाने के बजाय मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना चाहिए।