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बिहार के युवाओं का दिल छू लेने वाला काम, सोशल मीडिया पर हो रही तारीफ!

 

कहते हैं कि इंसानियत आज भी जिंदा है, और बिहार के गोपालगंज से सामने आई यह कहानी इस बात की खूबसूरत मिसाल है।दरअसल, गोपालगंज के थावे क्षेत्र में एक पिता अपनी बेटी को परीक्षा दिलवाकर साइकिल से घर वापस लौट रहे थे। रात का अंधेरा था, रास्ता सुनसान था और पिता अपनी बेटी को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए साइकिल चला रहे थे।

बिहार के गोपालगंज (थावे क्षेत्र) में एक पिता अपनी बेटी को परीक्षा दिलवाकर रात के अंधेरे और सुनसान रास्ते से साइकिल पर बैठाकर वापस घर ले जा रहे थे !

पीछे से आ रही एक कार में बैठे कुछ युवाओं ने जब अंधेरे में साइकिल चला रहे पिता और बेटी को देखा, तो उन्होंने डर का माहौल न बनाने के… pic.twitter.com/Z78Fj0p4s8

— SUDHIR (@SUDHIRb9661) October 10, 2026

बिहार के गोपालगंज (थावे क्षेत्र) में एक पिता अपनी बेटी को परीक्षा दिलवाकर रात के अंधेरे और सुनसान रास्ते से साइकिल पर बैठाकर वापस घर ले जा रहे थे !

पीछे से आ रही एक कार में बैठे कुछ युवाओं ने जब अंधेरे में साइकिल चला रहे पिता और बेटी को देखा, तो उन्होंने डर का माहौल न बनाने के… pic.twitter.com/Z78Fj0p4s8

— SUDHIR (@SUDHIRb9661) October 10, 2026


तभी पीछे से एक कार आ रही थी। कार में बैठे युवाओं की नजर जब अंधेरे रास्ते पर साइकिल से जा रहे पिता और बेटी पर पड़ी, तो उन्होंने कुछ ऐसा किया, जिसकी हर तरफ तारीफ होनी चाहिए।उन्होंने न तो बेवजह हॉर्न बजाया और न ही उन्हें डराने की कोशिश की। बल्कि अपनी कार की हेडलाइट साइकिल की तरफ कर दी, ताकि अंधेरे रास्ते पर पिता और बेटी को आगे का रास्ता साफ दिखाई दे सके।

इसके बाद ये युवक चुपचाप अपनी कार से उनके पीछे चलते रहे। कार की रोशनी रास्ते को रोशन करती रही और पिता अपनी बेटी को लेकर आगे बढ़ते रहे।सबसे खूबसूरत बात यह थी कि युवकों ने बिना किसी दिखावे और बिना किसी परेशानी के उन्हें सुरक्षित घर तक पहुंचने में मदद की।

सोचिए, रात के अंधेरे में एक पिता अपनी बेटी की सुरक्षा के लिए उसे घर लेकर जा रहा था, और कुछ अनजान युवक उसकी इस जिम्मेदारी में खामोशी से उसका सहारा बन गए।मदद करने के लिए हमेशा पैसे की जरूरत नहीं होती। कभी-कभी किसी के रास्ते में थोड़ी रोशनी कर देना भी बहुत बड़ी नेकी बन जाती है।