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इटली में बदल रही परिवार की तस्वीर, बच्चों से ज्यादा बढ़ी पालतू जानवरों की संख्या; जन्मदर बनी बड़ी चिंता

 

यूरोप के कई देशों की तरह इटली भी तेजी से बदलती जनसांख्यिकी (Demography) की चुनौती का सामना कर रहा है। यहां लोगों की जीवनशैली में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कई लोग बच्चे पैदा करने के बजाय पालतू जानवरों को अपने परिवार का हिस्सा बना रहे हैं। यही वजह है कि देश में बच्चों की संख्या घटने और पालतू जानवरों की संख्या बढ़ने को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इटली में कम जन्मदर एक बड़ी सामाजिक समस्या बनती जा रही है। आर्थिक दबाव, बदलती जीवनशैली, करियर को प्राथमिकता और बच्चों की परवरिश से जुड़ी बढ़ती लागत जैसे कारणों की वजह से कई दंपती कम बच्चे या बिल्कुल बच्चे न करने का फैसला ले रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर, पालतू जानवरों को अपनाने का चलन तेजी से बढ़ा है। खासतौर पर कुत्ते और बिल्लियां कई लोगों के लिए परिवार के सदस्य की तरह बन गए हैं। शहरों की सड़कों पर कई बार बच्चों के साथ घूमते माता-पिता से ज्यादा लोग अपने पालतू जानवरों के साथ नजर आते हैं।

घटती जन्मदर बनी सरकार की चिंता

इटली लंबे समय से कम होती जन्मदर की समस्या से जूझ रहा है। कम जन्म के कारण देश में बुजुर्ग आबादी का अनुपात बढ़ रहा है, जबकि युवा आबादी कम होती जा रही है। इसका असर भविष्य में अर्थव्यवस्था, रोजगार और सामाजिक व्यवस्था पर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों की परवरिश को लेकर बढ़ते खर्च और नौकरी की अस्थिरता भी लोगों के फैसलों को प्रभावित कर रही है। कई युवा दंपती आर्थिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए माता-पिता बनने का फैसला टाल रहे हैं।

पालतू जानवरों से जुड़ाव बढ़ा

पालतू जानवरों को अपनाने के पीछे लोगों का भावनात्मक जुड़ाव भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है। अकेले रहने वाले लोग अक्सर पालतू जानवरों को साथी के रूप में देखते हैं। ये जानवर उन्हें भावनात्मक सहारा देते हैं और परिवार जैसा एहसास कराते हैं।

हालांकि, समाजशास्त्रियों का कहना है कि पालतू जानवरों का बढ़ता चलन अपने आप में समस्या नहीं है, लेकिन अगर किसी देश में जन्मदर लगातार गिरती रहे तो यह भविष्य के लिए चिंता का विषय बन सकता है।

इटली की बदलती तस्वीर इस बात का संकेत है कि आधुनिक समाज में परिवार की परिभाषा तेजी से बदल रही है। जहां पहले परिवार का केंद्र बच्चे हुआ करते थे, वहीं अब कई लोगों के लिए पालतू जानवर भी परिवार का अहम हिस्सा बन चुके हैं।