48 डिग्री तापमान में भी ठंडा रहता है दीमक का घर, आंधी-पानी का भी नहीं होता असर, कहते हैं इंजीनियर
प्रकृति में कई ऐसी चीजें मौजूद हैं, जिन्हें देखकर इंसान भी हैरान रह जाता है। ऐसी ही एक मिसाल है दीमक का बनाया हुआ घर (Termite Mound), जिसकी बनावट किसी शानदार इंजीनियरिंग डिजाइन से कम नहीं लगती। भीषण गर्मी में जब तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, तब भी इन घरों के अंदर का तापमान काफी संतुलित रहता है।
बिना AC के बना रहता है ठंडा माहौल
दीमक अपने घरों को इस तरह डिजाइन करती हैं कि अंदर हवा का बेहतर आवागमन बना रहे। इनके बनाए ढांचे में छोटे-छोटे रास्ते और सुरंगें होती हैं, जो प्राकृतिक वेंटिलेशन का काम करती हैं।
यही वजह है कि बाहर तेज गर्मी होने के बावजूद अंदर का वातावरण अपेक्षाकृत ठंडा और अनुकूल बना रहता है।
आंधी-पानी में भी मजबूत रहते हैं ढांचे
दीमक के टीले मिट्टी, लार और अन्य प्राकृतिक पदार्थों से बने होते हैं। इनकी मजबूत संरचना बारिश और तेज हवाओं का सामना करने में सक्षम होती है।
इनकी बनावट देखकर कई बार वैज्ञानिक और इंजीनियर भी इसकी तारीफ करते हैं।
इंसानी इमारतों के लिए भी प्रेरणा
दीमक के घरों की डिजाइन से प्रेरणा लेकर दुनिया में कई ऐसी इमारतों पर काम किया गया है, जिनमें प्राकृतिक हवा और तापमान नियंत्रण पर जोर दिया गया है।
इससे ऊर्जा की बचत होती है और बिना ज्यादा बिजली खर्च किए इमारतों को आरामदायक बनाया जा सकता है।
प्रकृति की अद्भुत 'इंजीनियरिंग'
दीमक आकार में भले ही छोटे जीव हैं, लेकिन उनके बनाए घर उनकी अद्भुत समझ और संगठन क्षमता को दिखाते हैं। यही कारण है कि दीमक के टीले आज भी वैज्ञानिकों के लिए शोध का विषय बने हुए हैं।
प्रकृति की यह छोटी-सी कारीगरी साबित करती है कि बेहतरीन डिजाइन के लिए हमेशा इंसानी दिमाग की जरूरत नहीं होती।