×

टेक अरबपति ब्रायन जॉनसन का चौंकाने वाला दावा: कहा- लैब में तैयार किया अपना ‘बेबी क्लोन’, सोशल मीडिया पर मचा हंगामा

 

दुनिया भर में अपनी उम्र को कम करने और लंबी जिंदगी जीने के प्रयोगों के लिए चर्चित अमेरिकी टेक अरबपति ब्रायन जॉनसन एक बार फिर सुर्खियों में हैं। 48 वर्षीय ब्रायन ने सोशल मीडिया पर ऐसा दावा किया है, जिसने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है।

ब्रायन जॉनसन ने प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर दावा किया कि उन्होंने लैब में अपना एक ‘बेबी क्लोन’ (Baby Clone) तैयार कर लिया है। उन्होंने बताया कि यह कथित ‘बेबी-ब्रायन’ अभी एक पेट्री डिश में विकसित हो रहा है। हालांकि, इस दावे को लेकर लोगों के बीच उत्सुकता के साथ-साथ सवाल भी उठ रहे हैं।

अमर होने की चाहत को लेकर चर्चा में रहते हैं ब्रायन

ब्रायन जॉनसन लंबे समय से अपनी उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने के प्रयोगों को लेकर चर्चा में रहे हैं। वह अपने शरीर को युवा बनाए रखने के लिए कई तरह के वैज्ञानिक और चिकित्सकीय प्रयोग करते हैं।

उनका प्रोजेक्ट एजिंग को कम करने और स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने पर केंद्रित है। इसी वजह से वह दुनिया भर में बायोहैकिंग और लंबी उम्र के प्रयोगों के लिए जाने जाते हैं।

‘बेबी-ब्रायन’ के दावे ने बढ़ाई जिज्ञासा

ब्रायन के नए दावे के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने इसे भविष्य की तकनीक से जोड़कर देखा, जबकि कई यूजर्स ने इस दावे की वास्तविकता पर सवाल उठाए।

कई लोगों का सवाल है कि क्या वाकई किसी इंसान का क्लोन बनाना संभव है या यह केवल एक प्रयोग, मजाक या किसी तरह का तकनीकी प्रदर्शन है।

मानव क्लोनिंग अभी भी बेहद विवादित विषय

वैज्ञानिकों के अनुसार, मानव क्लोनिंग एक बेहद जटिल और विवादित विषय है। दुनिया में जानवरों की क्लोनिंग के कई सफल उदाहरण मौजूद हैं, लेकिन इंसानों की क्लोनिंग को लेकर वैज्ञानिक, नैतिक और कानूनी चुनौतियां बनी हुई हैं।

मानव क्लोनिंग से जुड़े कई देशों में कड़े नियम हैं और इसे लेकर व्यापक बहस जारी है।

विशेषज्ञों की नजर में दावे की जांच जरूरी

ब्रायन जॉनसन के इस दावे को लेकर अभी तक कोई स्वतंत्र वैज्ञानिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे दावों को वैज्ञानिक प्रमाणों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।

फिलहाल ‘बेबी-ब्रायन’ का दावा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। ब्रायन जॉनसन का यह बयान एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रहा है कि भविष्य में इंसान विज्ञान की मदद से उम्र, शरीर और जीवन की सीमाओं को कितना बदल पाएगा।