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हिमाचल में अचानक दरका पहाड़, 200 मीटर सड़क हुई गायब! कैमरे में कैद हुआ मंजर

 

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में सोमवार को अचानक हुए भीषण लैंडस्लाइड ने लोगों को हैरान कर दिया। निरमंड उपमंडल के बागीपुल-जाओं मार्ग पर पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा अचानक दरक गया, जिसकी चपेट में आने से करीब 200 मीटर सड़क का हिस्सा पूरी तरह मलबे में समा गया। घटना के बाद सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

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बिना बारिश के अचानक दरका पहाड़

बताया जा रहा है कि यह घटना सोमवार सुबह करीब 10 बजे बागीपुल के पास हुई। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस दौरान इलाके में बारिश नहीं हो रही थी। अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा खिसककर सड़क पर आ गिरा और देखते ही देखते सड़क का करीब 200 मीटर हिस्सा प्रभावित हो गया।

लैंडस्लाइड इतना बड़ा था कि सड़क का एक लंबा हिस्सा मलबे के नीचे दब गया। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही प्राकृतिक हलचल के बीच इस घटना ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।

बागीपुल-जाओं सड़क पर यातायात बंद

भूस्खलन के बाद बागीपुल-जाओं सड़क पूरी तरह बंद हो गई। सड़क के दोनों ओर वाहन फंस गए, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

लैंडस्लाइड के कारण सड़क पर भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मलबा जमा हो गया है। ऐसे में फिलहाल इस मार्ग से गुजरना जोखिम भरा माना जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से प्रभावित मार्ग की ओर जाने से बचने और स्थिति सामान्य होने तक वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की है।

PWD और प्रशासन ने संभाला मोर्चा

घटना की जानकारी मिलते ही जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सक्रिय हो गया। पुलिस कंट्रोल रूम के साथ लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को भी सूचना दी गई। इसके बाद PWD और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और सड़क से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया।

सड़क को जल्द से जल्द यातायात के लिए बहाल करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि पहाड़ी से दोबारा मलबा गिरने की आशंका को देखते हुए राहत और बहाली का काम सावधानी से किया जा रहा है।

हिमाचल में पहले से बारिश और लैंडस्लाइड का खतरा

कुल्लू में यह घटना ऐसे समय हुई है जब हिमाचल प्रदेश के कई हिस्से मानसूनी बारिश और भूस्खलन की समस्या से जूझ रहे हैं। राज्य में कई सड़कें पहले से बंद हैं और प्रशासन को लगातार क्षतिग्रस्त सड़कों को बहाल करने में जुटना पड़ रहा है।

31 अगस्त की राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में 98 सड़कें बंद थीं। इनमें कुल्लू की 16 सड़कें शामिल हैं। बारिश के कारण बिजली के ट्रांसफॉर्मर और पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।

मौसम विभाग ने भी जारी किया अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में आने वाले दिनों में भी मौसम को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग ने राज्य में 31 अगस्त से 3 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। संवेदनशील इलाकों में लैंडस्लाइड और जलस्तर बढ़ने की आशंका भी जताई गई है।

ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से भी लोगों से मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।

बड़ा हादसा टला, लेकिन बढ़ी चिंता

फिलहाल इस लैंडस्लाइड में किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है। हालांकि जिस तरह अचानक पहाड़ का बड़ा हिस्सा सड़क पर आ गिरा और करीब 200 मीटर सड़क प्रभावित हुई, उससे इलाके में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में सड़कें ही कई गांवों और कस्बों को मुख्य इलाकों से जोड़ने का प्रमुख माध्यम हैं। ऐसे में सड़क के लंबे हिस्से के क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय लोगों के लिए आवाजाही, जरूरी सामान की सप्लाई और रोजमर्रा के काम प्रभावित हो सकते हैं।

प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की टीम सड़क बहाली के काम में जुटी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि मलबा हटाने और सड़क को सुरक्षित बनाने में कितना समय लगता है। फिलहाल यात्रियों को प्रभावित बागीपुल-जाओं मार्ग से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।