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रात में सड़कों पर उतरीं छात्राएं, ‘Reclaim the Night’ मार्च का VIDEO हुआ वायरल

 

दिल्ली-नोएडा बस दुष्कर्म कांड के बाद महिला सुरक्षा को लेकर सवाल और तेज हो गए हैं। घटना ने सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस-प्रशासन की जवाबदेही को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।

#दिल्ली_नोएडा_बस_दुष्कर्म_कांड पर जवाबदेही कब तय होगी ?

दिल्ली-नोएडा बस दुष्कर्म कांड ने #महिला_सुरक्षा के केंद्र और यूपी की भाजपा सरकारों के दावों की पोल खोल दी है।

यह सवाल सिर्फ अपराधियों की #गिरफ्तारी का नहीं, व्यवस्था की जवाबदेही का भी है।

दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह… pic.twitter.com/xkdFxtE1O6

— Girish Chandra (Fan of Rahul Gandhi) (@girish663) September 3, 2026

#दिल्ली_नोएडा_बस_दुष्कर्म_कांड पर जवाबदेही कब तय होगी ?

दिल्ली-नोएडा बस दुष्कर्म कांड ने #महिला_सुरक्षा के केंद्र और यूपी की भाजपा सरकारों के दावों की पोल खोल दी है।

यह सवाल सिर्फ अपराधियों की #गिरफ्तारी का नहीं, व्यवस्था की जवाबदेही का भी है।

दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह… pic.twitter.com/xkdFxtE1O6

— Girish Chandra (Fan of Rahul Gandhi) (@girish663) September 3, 2026



इस मामले को लेकर सवाल सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह भी पूछा जा रहा है कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है, जबकि घटना का एक हिस्सा उत्तर प्रदेश से जुड़ा होने के कारण यूपी पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

इसी मुद्दे को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय की महिला छात्राओं ने आधी रात ‘Reclaim the Night’ मार्च निकाला। छात्राओं ने संदेश दिया कि महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर उनकी आवाजाही और आजादी को सीमित करने के बजाय शहरों में सुरक्षित सड़कें, बेहतर सार्वजनिक परिवहन और सुरक्षित सार्वजनिक स्थान सुनिश्चित किए जाने चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान महिला सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर आवाज उठाई गई। छात्राओं का कहना है कि महिलाओं को यह महसूस नहीं होना चाहिए कि रात में घर से बाहर निकलना अपने आप में कोई जोखिम है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस मामले में सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी होगी या फिर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही की भी जवाबदेही तय की जाएगी? क्या संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी? और क्या सरकारें सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाएंगी?

दिल्ली-नोएडा की इस घटना के बाद एक बार फिर बहस इस बात पर है कि महिलाओं को सुरक्षित रखने के लिए उनकी आजादी पर पाबंदी जरूरी है या फिर व्यवस्था को इतना मजबूत किया जाए कि वे दिन हो या रात, बिना डर के कहीं भी आ-जा सकें।