कहीं आपके घर के आस-पास तो नहीं है ये रहस्यमयी पेड़, छू लिया तो शुरू हो जाएगी गुदगुदी और फिर..

 
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इस धरती पर कई ऐसी रहस्यमयी चीजें हैं, जिनका रहस्य आज तक कोई नहीं जान पाया है। आपने सुना होगा कि इंसानों को गुदगुदी होती है, लेकिन क्या आपने कभी पेड़ों को गुदगुदी होते सुना है? आज हम आपको एक ऐसे पेड़ के बारे में बताएंगे। जिसे छूने पर इंसानों की तरह गुदगुदी होती है।इस वृक्ष का वानस्पतिक नाम 'रेंडिया ड्यूमिटोरम' है। यह वृक्ष भारत में पाया जाता है। रूबेक प्रजाति के ये पेड़ 300 से 1300 मीटर की ऊंचाई पर पाए जाते हैं। यदि कोई व्यक्ति इस रहस्यमयी पेड़ पर अपनी उंगलियां रगड़ता है, तो उस पेड़ पर गुदगुदी होने लगती है। ऐसा तब लगता है जब आप अपने हाथों को रगड़ते हैं तो पेड़ की शाखाएं हिलने लगती हैं।

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ये पेड़ उत्तराखंड के कालाढूंगी जंगलों में पाए जाते हैं। ये पेड़ दुनिया के अन्य पेड़ों से बिल्कुल अलग हैं। जब आप उन्हें सहलाते हैं तो उन्हें बहुत गुदगुदी महसूस होती है। यदि इस रहस्यमयी वृक्ष के तने को गुदगुदाया जाए तो इसकी शाखाएं खिल उठती हैं। इस पेड़ को छूते ही यह हिलने लगता है। आपने देखा होगा कि जैसे ही किसी व्यक्ति को गुदगुदी की जाती है, वह हिलना-डुलना शुरू कर देता है।

इसी तरह इस पेड़ की भी अपनी हरकतें हैं। इसकी अजीब हरकतें कोई भी देख सकता है। कालाढूंगी के जंगल में दो ऐसे पेड़ हैं, जो गुदगुदाने वाले हैं। इस पेड़ को हँसने वाला पेड़ भी कहा जाता है। रामनगर के क्यारी जंगल में एक ऐसा पेड़ है जो कांपता हुआ पेड़ है। पिछले पांच वर्षों से कॉर्बेट ग्राम विकास समिति द्वारा कालाढूंगी के इन दो पेड़ों को पर्यटन से जोड़ा गया है। समिति के गाइड पर्यटकों को घने जंगल में इन हिलते और गुदगुदाते पेड़ों को दिखाने जाते हैं।