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Sonam Yadav का AI-एडिटेड वीडियो वायरल होने का दावा, असली वीडियो और एडिटेड वीडियो को लेकर मचा विवाद

 

सोशल मीडिया पर Sonam Yadav से जुड़ा एक वीडियो चर्चा में है। दावा किया जा रहा है कि उनके एक पुराने और सामान्य वीडियो को AI की मदद से एडिट कर उसका बदला हुआ रूप सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।

🚨 किसी की बढ़ती पब्लिसिटी को देख ईर्ष्या करने वालों का चरित्र तो देखो कैसे बदनाम करने में लगे रहते हैं...

👉 सोनम यादव की फेक वीडियो एडिट करके सोशल मीडिया में वायरल करके बदनाम किया जा रहा है, जबकि सोनम यादव पूरे कपड़ों के साथ गंगा स्नान की थीं।

👉 वीडियो की पहली स्क्रीन शॉट… pic.twitter.com/1br5uTnBYG

— Pradeep Kumar (@Pradeep39192398) September 16, 2026

 

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👉 सोनम यादव की फेक वीडियो एडिट करके सोशल मीडिया में वायरल करके बदनाम किया जा रहा है, जबकि सोनम यादव पूरे कपड़ों के साथ गंगा स्नान की थीं।

👉 वीडियो की पहली स्क्रीन शॉट… pic.twitter.com/1br5uTnBYG

— Pradeep Kumar (@Pradeep39192398) September 16, 2026

 


दावे के मुताबिक, असली वीडियो Sonam Yadav ने 6 जून 2026 को अपने Instagram अकाउंट पर पोस्ट किया था। इसमें वह गंगा में पूरी तरह कपड़े पहने हुए स्नान करती दिखाई दे रही थीं। इसके बाद इसी वीडियो से जुड़ी कुछ तस्वीरों और क्लिप को एडिट करके सोशल मीडिया पर अलग रूप में प्रसारित किए जाने का दावा किया जा रहा है।

सोशल मीडिया पोस्ट में असली वीडियो के स्क्रीनशॉट और कथित तौर पर एडिट किए गए वीडियो के स्क्रीनशॉट की तुलना भी शेयर की गई है। पोस्ट करने वाले लोगों का आरोप है कि AI एडिटिंग के जरिए वीडियो को इस तरह बदला गया कि उसे देखने वाले लोगों के बीच गलत धारणा बने।

इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर Sonam Yadav के समर्थन में भी पोस्ट किए जा रहे हैं। कुछ लोगों ने वीडियो को एडिट कर वायरल करने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पोस्ट में इसे जातिगत दुर्भावना से जोड़कर भी आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति के वीडियो को एडिट करके उसका संदर्भ बदलना गंभीर मामला हो सकता है। ऐसे में वायरल वीडियो को बिना सत्यापन के आगे शेयर करने के बजाय उसके मूल स्रोत और वास्तविकता की जांच करना जरूरी है।