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बाराबंकी में हैरान करने वाला VIDEO, थाने में ही महिला ने दिया बच्चे को जन्म

 

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शादी, रिश्ते और महिला की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।रिपोर्ट के मुताबिक, सुबेहा थाना क्षेत्र के रहने वाले सूरज की शादी 20 जून 2026 को शिवानी से हुई थी। शादी के करीब 10 दिन बाद सूरज रोजी-रोटी कमाने के लिए गुजरात चला गया। बताया जा रहा है कि वह करीब डेढ़ महीने तक गुजरात में रहा।

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सुबेहा थाना क्षेत्र के रहने वाले सूरज की शादी 20 जून 2026 को शिवानी से हुई थी।

सूरज शादी के 10 दिन बाद ही कमाने गुजरात चला गया।

गुजरात गए हुए सूरज को केवल डेढ़ महीने हुआ था तभी सूरज के परिजनों ने बताया कि शिवानी गर्भवती है। जैसे ही सूरज ने यह… pic.twitter.com/op7peQ0QBN

— Neeraj Chaurasiya (@NeerajC111) September 8, 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सुबेहा थाना क्षेत्र के रहने वाले सूरज की शादी 20 जून 2026 को शिवानी से हुई थी।

सूरज शादी के 10 दिन बाद ही कमाने गुजरात चला गया।

गुजरात गए हुए सूरज को केवल डेढ़ महीने हुआ था तभी सूरज के परिजनों ने बताया कि शिवानी गर्भवती है। जैसे ही सूरज ने यह… pic.twitter.com/op7peQ0QBN

— Neeraj Chaurasiya (@NeerajC111) September 8, 2026


इसी दौरान परिवार की ओर से उसे जानकारी दी गई कि उसकी पत्नी गर्भवती है। यह खबर सुनते ही सूरज गुजरात से वापस अपने घर लौट आया। घर पहुंचने के बाद उसने पत्नी पर गांव के ही एक युवक बाबलू के साथ प्रेम संबंध होने का आरोप लगाया।वहीं, महिला ने इन आरोपों से अलग अपना पक्ष रखा। महिला का कहना है कि बाबलू ने उसके साथ जबरदस्ती की थी और सामाजिक बदनामी तथा डर के कारण उसने इस बारे में किसी को नहीं बताया।

इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ गया और मामला पुलिस थाने तक पहुंच गया। बताया जा रहा है कि थाने में मौजूद रहने के दौरान महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इसके बाद पुलिस थाने के अंदर मंदिर के पास ही उसने बच्चे को जन्म दिया।

इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शादी के कुछ ही समय बाद सामने आई प्रेग्नेंसी की खबर से पति ने सवाल उठाए, जबकि महिला ने जबरदस्ती किए जाने का आरोप लगाया है। ऐसे में असल सच्चाई क्या है, यह जांच और संबंधित पक्षों के बयानों से ही स्पष्ट हो पाएगी।सबसे जरूरी बात यह है कि महिला द्वारा लगाए गए जबरदस्ती के आरोप को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए। किसी महिला पर सिर्फ आरोपों के आधार पर फैसला सुनाना उचित नहीं है। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ सकती है।अब सवाल यह भी है कि इस पूरे विवाद में बच्चे की स्थिति और भविष्य को लेकर क्या कदम उठाए जाएंगे? पति-पत्नी के बीच विवाद अपनी जगह है, लेकिन नवजात बच्चे का इसमें कोई दोष नहीं है।