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'वर्क फ्रॉम होम' को लेकर साई मार्तंड का कबूलनामा वायरल, बोले- काम से ज्यादा फिल्में देखीं

 

सोशल मीडिया पर इन दिनों तेलुगू फिल्म निर्देशक साई मार्तंड का एक पुराना इंस्टाग्राम पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। इस पोस्ट में उन्होंने अपनी कॉर्पोरेट नौकरी के दिनों को याद करते हुए ऐसी बात साझा की, जिसने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है। साई मार्तंड ने खुलकर स्वीकार किया कि टेक महिंद्रा में वर्क फ्रॉम होम (WFH) के दौरान उन्होंने ऑफिस के काम से ज्यादा समय फिल्में देखने और आराम करने में बिताया। उनकी इस बेबाक स्वीकारोक्ति पर सोशल मीडिया यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

नौकरी छोड़कर चुना फिल्म निर्देशन का रास्ता

साई मार्तंड ने अपने पोस्ट में बताया कि वह पहले टेक महिंद्रा में नौकरी करते थे। कोरोना महामारी के दौरान जब वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू हुई, तब उन्होंने इस समय का इस्तेमाल फिल्मों को देखने, सिनेमा को समझने और अपनी रचनात्मक सोच को विकसित करने में किया। उन्होंने यह भी माना कि उस दौरान वह कई बार ऑफिस के काम से ज्यादा फिल्मों और आराम पर ध्यान देते थे।

बाद में उन्होंने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ने का फैसला किया और अपने जुनून का पीछा करते हुए फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा। आज वह तेलुगू सिनेमा में निर्देशक के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं।

पुराना पोस्ट वायरल, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

हालांकि यह इंस्टाग्राम पोस्ट पुराना है, लेकिन हाल ही में इसके दोबारा वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है। कई यूजर्स ने उनकी ईमानदारी की सराहना करते हुए कहा कि बहुत कम लोग अपनी गलतियों या अनुभवों को इतनी साफगोई से स्वीकार करते हैं।

वहीं, कुछ लोगों ने इसे गैर-पेशेवर रवैया बताते हुए कहा कि वर्क फ्रॉम होम का मतलब काम से बचना नहीं होता। ऐसे यूजर्स का मानना है कि कर्मचारियों को कंपनी की जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी से पालन करना चाहिए।

ईमानदारी की तारीफ, लेकिन उठे सवाल भी

साई मार्तंड की पोस्ट ने एक बार फिर वर्क फ्रॉम होम संस्कृति को लेकर बहस छेड़ दी है। कुछ लोगों का कहना है कि महामारी के दौरान कई कर्मचारियों ने घर से काम करते हुए समय का बेहतर उपयोग किया, जबकि कुछ ने इसे अपेक्षाकृत आरामदायक दौर के रूप में देखा।

दूसरी ओर, कई यूजर्स का मानना है कि साई मार्तंड ने अपने जीवन के उस दौर को बिना किसी दिखावे के साझा किया है और यही उनकी पोस्ट को अलग बनाता है। उनका कहना है कि हर व्यक्ति अपने करियर में सीखता है और आगे बढ़ता है।

जुनून ने बदल दी करियर की दिशा

साई मार्तंड की कहानी इस बात का उदाहरण भी मानी जा रही है कि कई लोग अपने पसंदीदा क्षेत्र में करियर बनाने के लिए सुरक्षित नौकरी छोड़ने का जोखिम उठाते हैं। उनके अनुसार, फिल्मों के प्रति लगाव ही उन्हें फिल्म निर्देशन की दुनिया तक ले आया।

हालांकि, उनका वायरल पोस्ट इस समय सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ लोग इसे प्रेरणादायक सफर मान रहे हैं, तो कुछ इसे कार्यस्थल की जिम्मेदारियों से जोड़कर देख रहे हैं। कुल मिलाकर, साई मार्तंड की यह ईमानदार स्वीकारोक्ति इंटरनेट पर बहस और प्रतिक्रियाओं का केंद्र बन गई है।