OMG! मंगल पर एलियंस की तलाश में मदद करेगी ये रहस्यमयी नदी, सिरके जैसा है पानी; NASA भी करती है रिसर्च
धरती पर एक ऐसी नदी मौजूद है, जिसका पानी इतना ज्यादा अम्लीय है कि उसकी तुलना आमतौर पर सिरके से की जाती है। हैरानी की बात यह है कि इतनी कठोर परिस्थितियों के बावजूद इस नदी में सूक्ष्म जीव यानी माइक्रोऑर्गेनिज्म जीवित रहते हैं। यही वजह है कि वैज्ञानिक इसे मंगल ग्रह पर जीवन के संभावित संकेत तलाशने के लिए एक प्राकृतिक प्रयोगशाला के तौर पर देखते हैं। यह नदी है स्पेन की रियो टिंटो (Río Tinto)।
लाल रंग का है नदी का पानी
दक्षिण-पश्चिमी स्पेन में बहने वाली रियो टिंटो का पानी सामान्य नदियों की तरह साफ नहीं दिखाई देता। इसका रंग कई जगह गहरा लाल, नारंगी और जंग जैसा नजर आता है। इस असामान्य रंग की वजह पानी में मौजूद लौह यौगिक और सूक्ष्मजीवों की गतिविधियां हैं।
नदी का नाम भी स्पेनिश भाषा में लगभग 'रंगे हुए या दागदार नदी' के अर्थ में आता है।
सिरके जितना अम्लीय है पानी
रियो टिंटो के पानी का pH कई हिस्सों में करीब 2 तक पहुंच जाता है। यह अम्लीयता सामान्य जीवन के लिए बेहद कठिन परिस्थितियां पैदा करती है और इसकी तुलना सिरके जैसी अम्लीयता से की जाती है। इसके बावजूद यहां ऐसे एक्स्ट्रीमोफाइल्स यानी चरम परिस्थितियों में जीवित रहने वाले सूक्ष्मजीव पाए जाते हैं, जो लोहे और सल्फर से जुड़ी रासायनिक प्रक्रियाओं से ऊर्जा प्राप्त कर सकते हैं।
मंगल से क्यों की जाती है तुलना?
वैज्ञानिकों की दिलचस्पी रियो टिंटो में इसलिए है क्योंकि यहां मौजूद कुछ खनिज और रासायनिक परिस्थितियां मंगल की सतह पर देखी गई परिस्थितियों से मिलती-जुलती हैं।
नदी के आसपास जारोसाइट (Jarosite) नाम का लौह-पोटैशियम सल्फेट खनिज पाया जाता है, जिसकी मौजूदगी मंगल पर भी दर्ज की गई है। ऐसे खनिज वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद कर सकते हैं कि प्राचीन मंगल पर पानी और चट्टानों के बीच किस तरह की रासायनिक प्रक्रियाएं हुई होंगी।
NASA के लिए बनी 'धरती पर मंगल' जैसी जगह
रियो टिंटो को वैज्ञानिक मंगल ग्रह के वातावरण का एनालॉग मानते हैं। यानी धरती पर ऐसी जगह, जहां कुछ परिस्थितियां मंगल के वातावरण से मिलती-जुलती हों।
NASA और अन्य वैज्ञानिक संस्थानों ने यहां ऐसी तकनीकों का परीक्षण किया है, जिनका इस्तेमाल भविष्य में दूसरे ग्रहों पर जीवन के संकेत खोजने में किया जा सकता है। 2017 में यहां मंगल मिशन जैसी ड्रिलिंग और सैंपल जांच की तकनीकों का परीक्षण भी किया गया था।
क्या यहां एलियन मिल चुके हैं?
नहीं। रियो टिंटो में एलियन या मंगल ग्रह का जीवन नहीं मिला है। वैज्ञानिक यहां धरती पर मौजूद सूक्ष्मजीवों का अध्ययन कर रहे हैं ताकि यह समझा जा सके कि जीवन बेहद कठोर वातावरण में किस तरह टिक सकता है।
अगर भविष्य में मंगल पर ऐसे ही खनिज, रासायनिक संकेत या सूक्ष्मजीवों से मिलते-जुलते बायोसिग्नेचर मिलते हैं, तो रियो टिंटो जैसी जगहों से मिली जानकारी उनकी व्याख्या करने में मदद कर सकती है।
हजारों साल पुराना है खनन का इतिहास
रियो टिंटो क्षेत्र में करीब 5,000 साल से खनन होता रहा है। खनन के कारण जमीन के अंदर मौजूद सल्फाइड खनिज अधिक मात्रा में हवा और पानी के संपर्क में आए, जिससे नदी की प्राकृतिक अम्लीय प्रक्रियाएं और तेज हुईं। वैज्ञानिकों के अनुसार नदी की रसायनिकी में प्राकृतिक भूगर्भीय प्रक्रियाओं के साथ मानव गतिविधियों का भी योगदान रहा है।
धरती की यह नदी मंगल का राज खोल सकती है?
रियो टिंटो की सबसे बड़ी खासियत यही है कि जहां इंसान को बेहद प्रतिकूल वातावरण नजर आता है, वहां भी जीवन के बेहद छोटे रूप मौजूद हैं। इसी वजह से वैज्ञानिक इसे यह समझने के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं कि अगर मंगल पर कभी जीवन रहा होगा, तो उसके निशान किस तरह के वातावरण और खनिजों में सुरक्षित रह सकते हैं।
यानी यह नदी एलियंस की मौजूदगी का सबूत नहीं, लेकिन मंगल पर कभी जीवन रहा था या नहीं—इस सवाल का जवाब खोजने की वैज्ञानिक कोशिश में एक बेहद महत्वपूर्ण 'धरती पर मौजूद प्रयोगशाला' जरूर है।
धरती पर एक ऐसी नदी मौजूद है, जिसका पानी इतना ज्यादा अम्लीय है कि उसकी तुलना आमतौर पर सिरके से की जाती है। हैरानी की बात यह है कि इतनी कठोर परिस्थितियों के बावजूद इस नदी में सूक्ष्म जीव यानी माइक्रोऑर्गेनिज्म जीवित रहते हैं। यही वजह है कि वैज्ञानिक इसे मंगल ग्रह पर जीवन के संभावित संकेत तलाशने के लिए एक प्राकृतिक प्रयोगशाला के तौर पर देखते हैं। यह नदी है स्पेन की रियो टिंटो (Río Tinto)।
लाल रंग का है नदी का पानी
दक्षिण-पश्चिमी स्पेन में बहने वाली रियो टिंटो का पानी सामान्य नदियों की तरह साफ नहीं दिखाई देता। इसका रंग कई जगह गहरा लाल, नारंगी और जंग जैसा नजर आता है। इस असामान्य रंग की वजह पानी में मौजूद लौह यौगिक और सूक्ष्मजीवों की गतिविधियां हैं।
नदी का नाम भी स्पेनिश भाषा में लगभग 'रंगे हुए या दागदार नदी' के अर्थ में आता है।
सिरके जितना अम्लीय है पानी
रियो टिंटो के पानी का pH कई हिस्सों में करीब 2 तक पहुंच जाता है। यह अम्लीयता सामान्य जीवन के लिए बेहद कठिन परिस्थितियां पैदा करती है और इसकी तुलना सिरके जैसी अम्लीयता से की जाती है। इसके बावजूद यहां ऐसे एक्स्ट्रीमोफाइल्स यानी चरम परिस्थितियों में जीवित रहने वाले सूक्ष्मजीव पाए जाते हैं, जो लोहे और सल्फर से जुड़ी रासायनिक प्रक्रियाओं से ऊर्जा प्राप्त कर सकते हैं।
मंगल से क्यों की जाती है तुलना?
वैज्ञानिकों की दिलचस्पी रियो टिंटो में इसलिए है क्योंकि यहां मौजूद कुछ खनिज और रासायनिक परिस्थितियां मंगल की सतह पर देखी गई परिस्थितियों से मिलती-जुलती हैं।
नदी के आसपास जारोसाइट (Jarosite) नाम का लौह-पोटैशियम सल्फेट खनिज पाया जाता है, जिसकी मौजूदगी मंगल पर भी दर्ज की गई है। ऐसे खनिज वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद कर सकते हैं कि प्राचीन मंगल पर पानी और चट्टानों के बीच किस तरह की रासायनिक प्रक्रियाएं हुई होंगी।
NASA के लिए बनी 'धरती पर मंगल' जैसी जगह
रियो टिंटो को वैज्ञानिक मंगल ग्रह के वातावरण का एनालॉग मानते हैं। यानी धरती पर ऐसी जगह, जहां कुछ परिस्थितियां मंगल के वातावरण से मिलती-जुलती हों।
NASA और अन्य वैज्ञानिक संस्थानों ने यहां ऐसी तकनीकों का परीक्षण किया है, जिनका इस्तेमाल भविष्य में दूसरे ग्रहों पर जीवन के संकेत खोजने में किया जा सकता है। 2017 में यहां मंगल मिशन जैसी ड्रिलिंग और सैंपल जांच की तकनीकों का परीक्षण भी किया गया था।
क्या यहां एलियन मिल चुके हैं?
नहीं। रियो टिंटो में एलियन या मंगल ग्रह का जीवन नहीं मिला है। वैज्ञानिक यहां धरती पर मौजूद सूक्ष्मजीवों का अध्ययन कर रहे हैं ताकि यह समझा जा सके कि जीवन बेहद कठोर वातावरण में किस तरह टिक सकता है।
अगर भविष्य में मंगल पर ऐसे ही खनिज, रासायनिक संकेत या सूक्ष्मजीवों से मिलते-जुलते बायोसिग्नेचर मिलते हैं, तो रियो टिंटो जैसी जगहों से मिली जानकारी उनकी व्याख्या करने में मदद कर सकती है।
हजारों साल पुराना है खनन का इतिहास
रियो टिंटो क्षेत्र में करीब 5,000 साल से खनन होता रहा है। खनन के कारण जमीन के अंदर मौजूद सल्फाइड खनिज अधिक मात्रा में हवा और पानी के संपर्क में आए, जिससे नदी की प्राकृतिक अम्लीय प्रक्रियाएं और तेज हुईं। वैज्ञानिकों के अनुसार नदी की रसायनिकी में प्राकृतिक भूगर्भीय प्रक्रियाओं के साथ मानव गतिविधियों का भी योगदान रहा है।
धरती की यह नदी मंगल का राज खोल सकती है?
रियो टिंटो की सबसे बड़ी खासियत यही है कि जहां इंसान को बेहद प्रतिकूल वातावरण नजर आता है, वहां भी जीवन के बेहद छोटे रूप मौजूद हैं। इसी वजह से वैज्ञानिक इसे यह समझने के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं कि अगर मंगल पर कभी जीवन रहा होगा, तो उसके निशान किस तरह के वातावरण और खनिजों में सुरक्षित रह सकते हैं।
यानी यह नदी एलियंस की मौजूदगी का सबूत नहीं, लेकिन मंगल पर कभी जीवन रहा था या नहीं—इस सवाल का जवाब खोजने की वैज्ञानिक कोशिश में एक बेहद महत्वपूर्ण 'धरती पर मौजूद प्रयोगशाला' जरूर है।