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OMG! दोस्त को भेजी AI वाले मगरमच्छ की फोटो, अब खानी पड़ेगी जेल की हवा
 

 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI ने तस्वीरें और वीडियो बनाना बेहद आसान कर दिया है। अब कुछ ही सेकंड में ऐसी तस्वीर तैयार की जा सकती है, जिसे देखकर असली और नकली में अंतर करना मुश्किल हो जाता है। लेकिन AI से बनी तस्वीर के साथ मजाक करना कभी-कभी भारी भी पड़ सकता है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपने दोस्त को AI से तैयार मगरमच्छ की तस्वीर भेजी और देखते ही देखते मामला पुलिस तक पहुंच गया।

दरअसल, सोशल मीडिया पर सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, एक व्यक्ति ने अपने दोस्त को एक ऐसी तस्वीर भेजी, जिसमें मगरमच्छ दिखाई दे रहा था। तस्वीर देखने में इतनी वास्तविक लग रही थी कि उसे देखकर किसी को भी कुछ पल के लिए यकीन हो सकता था कि यह किसी असली जगह की फोटो है। हालांकि, तस्वीर वास्तव में AI की मदद से तैयार की गई थी।

शख्स का मकसद कथित तौर पर अपने दोस्त के साथ मजाक करना था। उसने AI से मगरमच्छ की तस्वीर तैयार की और उसे मैसेज के जरिए भेज दिया। लेकिन मजाक उस समय गंभीर हो गया, जब तस्वीर को लेकर सुरक्षा और प्रशासन से जुड़ी चिंता पैदा हो गई।

AI की तस्वीर को असली मानकर अगर कोई व्यक्ति पुलिस, प्रशासन या आम लोगों को गुमराह करता है, तो मामला सिर्फ मजाक तक सीमित नहीं रहता। ऐसी स्थिति में अधिकारियों को यह पता लगाने के लिए कार्रवाई करनी पड़ सकती है कि तस्वीर कहां से आई और क्या वास्तव में कोई खतरा मौजूद है।

इस घटना ने AI के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर एक अहम सवाल खड़ा किया है। आज किसी जगह पर जंगली जानवर दिखने, दुर्घटना होने या किसी असामान्य घटना की तस्वीर कुछ सेकंड में बनाई जा सकती है। अगर ऐसी तस्वीर को बिना यह बताए शेयर किया जाए कि वह AI से बनी है, तो लोग उसे वास्तविक मान सकते हैं।

सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कुछ लोगों ने कहा कि AI से बनी तस्वीरों को सिर्फ मनोरंजन के लिए इस्तेमाल करना अलग बात है, लेकिन किसी को डराने या गलत सूचना फैलाने के लिए उनका इस्तेमाल परेशानी पैदा कर सकता है।

कई यूजर्स ने यह भी कहा कि लोगों को AI से बनी तस्वीरों और वास्तविक तस्वीरों के बीच अंतर समझने की आदत डालनी होगी। खासकर जंगली जानवरों, अपराध, दुर्घटना और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी तस्वीरों को बिना पुष्टि किए आगे भेजना नुकसानदेह हो सकता है।

यह मामला यह भी दिखाता है कि डिजिटल दुनिया में ‘सिर्फ मजाक’ कहकर हर चीज से बचा नहीं जा सकता। किसी व्यक्ति की हरकत से अगर पुलिस या प्रशासन को गुमराह किया जाता है या लोगों में अनावश्यक डर पैदा होता है, तो कानूनी कार्रवाई की स्थिति बन सकती है।

फिलहाल इस घटना ने AI के गलत इस्तेमाल को लेकर चर्चा तेज कर दी है। एक नकली मगरमच्छ की तस्वीर ने यह संदेश जरूर दिया है कि AI से बनाई गई तस्वीर भले ही नकली हो, लेकिन उसका असर पूरी तरह असली और गंभीर हो सकता है।