OMG! कैब स्कैम में यात्री से वसूले गए 4 गुना ज्यादा पैसे, 1,285 की जगह थमाया 5,662 रुपये का बिल…Reddit पर छलका दर्द
ऑनलाइन कैब बुकिंग के दौरान कई बार यात्रियों को किराए को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ता है। कभी अचानक बढ़ा हुआ किराया तो कभी अतिरिक्त चार्ज लोगों को हैरान कर देते हैं। ऐसा ही एक मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर सामने आया है, जहां एक यात्री ने दावा किया कि उससे कैब के असली किराए से चार गुना ज्यादा पैसे वसूल लिए गए। यात्री ने पूरा अनुभव शेयर करते हुए बताया कि 1,285 रुपये के सफर के लिए उसे 5,662 रुपये का बिल थमा दिया गया।
1,285 रुपये की राइड पहुंच गई 5,662 रुपये तक
Reddit पर शेयर की गई पोस्ट के मुताबिक, यात्री ने एक कैब बुक की थी। ऐप पर यात्रा का अनुमानित किराया 1,285 रुपये दिख रहा था। लेकिन सफर पूरा होने के बाद जब पेमेंट की बात आई तो बिल देखकर यात्री हैरान रह गया।
उसके अनुसार, अंतिम बिल 5,662 रुपये का था, जो शुरुआती अनुमानित किराए से करीब चार गुना ज्यादा था। यात्री ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए सवाल उठाया कि आखिर इतनी बड़ी रकम कैसे बढ़ गई।
यूजर ने बताया पूरा अनुभव
यात्री ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि कैब बुक करते समय उसे किराए में इतनी बड़ी बढ़ोतरी की कोई जानकारी नहीं दी गई थी। उसने कहा कि सफर के दौरान या बाद में कई ऐसे चार्ज जोड़ दिए गए, जिनकी उसे उम्मीद नहीं थी।
पोस्ट वायरल होने के बाद कई अन्य यूजर्स ने भी अपने अनुभव साझा किए। कुछ लोगों ने कहा कि कैब ऐप्स में कभी-कभी टोल, वेटिंग चार्ज, एक्स्ट्रा किलोमीटर और अन्य फीस के कारण बिल बढ़ जाता है। वहीं कुछ यूजर्स ने आरोप लगाया कि कई बार यात्रियों को इन अतिरिक्त शुल्कों की स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती।
सोशल मीडिया पर भड़के लोग
वायरल पोस्ट पर लोगों ने कैब कंपनियों की किराया प्रणाली पर सवाल उठाए। कई यूजर्स ने कहा कि अगर शुरुआती अनुमान और अंतिम बिल में इतना बड़ा अंतर हो तो कंपनी को इसकी साफ जानकारी देनी चाहिए।
कुछ लोगों ने मजाक करते हुए लिखा कि इतनी रकम में तो यात्री दूसरी कैब या कोई और यात्रा विकल्प चुन सकता था। वहीं कुछ यूजर्स ने सलाह दी कि कैब बुक करने से पहले फेयर ब्रेकडाउन और अतिरिक्त शुल्क जरूर जांच लेना चाहिए।
कैब किराए में बढ़ोतरी के पीछे क्या हो सकते हैं कारण?
आमतौर पर कैब का किराया कई चीजों पर निर्भर करता है, जैसे:
- यात्रा की दूरी बढ़ना
- ट्रैफिक में ज्यादा समय लगना
- टोल टैक्स
- वेटिंग चार्ज
- पीक ऑवर सरचार्ज
- प्लेटफॉर्म फीस और टैक्स
हालांकि इस मामले में यात्री द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित कैब कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह घटना एक बार फिर ऑनलाइन कैब सेवाओं में पारदर्शिता को लेकर बहस शुरू कर रही है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे बुकिंग से पहले किराए की पूरी जानकारी देखें और किसी भी असामान्य चार्ज की स्थिति में तुरंत ग्राहक सहायता से संपर्क करें।