OMG! बार-बार छंटनी से डरी Meta कर्मचारी, Layoff का डर इतना बढ़ा कि महिला ने टाली प्रेग्नेंसी
टेक्नोलॉजी कंपनी Meta में नौकरी की असुरक्षा का असर अब कर्मचारियों की निजी जिंदगी पर भी पड़ता नजर आ रहा है। एक महिला कर्मचारी ने दावा किया है कि लगातार छंटनी और नौकरी जाने के डर की वजह से उसने फिलहाल बच्चा पैदा करने का फैसला टाल दिया है। Blind पर गुमनाम पोस्ट के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
महिला ने कहा- Meta में रहते हुए बच्चे पैदा करने का फैसला छोड़ दिया
Meta की इस कर्मचारी ने Blind नाम के वर्कप्लेस प्लेटफॉर्म पर अपनी परेशानी साझा की। उसने बताया कि पति के साथ परिवार बढ़ाने को लेकर बातचीत के दौरान उसे एहसास हुआ कि कंपनी में नौकरी की अनिश्चितता उसके निजी फैसलों को भी प्रभावित कर रही है।
महिला के मुताबिक, बार-बार होने वाली छंटनी, कंपनी की बदलती प्राथमिकताओं और भविष्य की नौकरी को लेकर अनिश्चितता के कारण उसे भरोसा नहीं है कि वह अगले साल तक भी कंपनी में काम कर रही होगी। ऐसे में मैटरनिटी लीव लेकर वापस नौकरी पर लौटने की स्थिति को लेकर भी वह आश्वस्त नहीं है।
'मेरी बायोलॉजिकल क्लॉक तेजी से चल रही है'
इस मामले को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि महिला ने अपनी उम्र को लेकर भी चिंता जताई। उसका कहना है कि उसकी बायोलॉजिकल क्लॉक तेजी से चल रही है, लेकिन नौकरी जाने का डर उसे परिवार शुरू करने से रोक रहा है।
उसकी चिंता सिर्फ नौकरी खोने तक सीमित नहीं है। उसे डर है कि अगर वह अभी मां बनने का फैसला टालती रही तो भविष्य में उसके सामने ऐसा समय आ सकता है, जब वह चाहकर भी बच्चा पैदा न कर पाए।
Meta में पहले भी हुई हैं बड़ी छंटनियां
महिला की पोस्ट ऐसे समय सामने आई है जब Meta में कई दौर की छंटनी और संगठनात्मक बदलाव चर्चा में रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, कंपनी की एक हालिया परफॉर्मेंस आधारित छंटनी में करीब 3,600 कर्मचारी प्रभावित हुए थे। इससे पहले भी कंपनी बड़े स्तर पर कर्मचारियों की संख्या घटा चुकी है।
इसके अलावा Meta की छंटनी प्रक्रिया को लेकर कानूनी विवाद भी सामने आया है। 26 कर्मचारियों ने कंपनी पर मुकदमा दायर करते हुए आरोप लगाया कि छंटनी के दौरान इस्तेमाल किए गए AI आधारित टूल्स ने मेडिकल, पैरेंटल या फैमिली लीव पर रहने वाले कर्मचारियों को नुकसान पहुंचाया। Meta ने इन आरोपों से इनकार किया है।
प्रेग्नेंसी लीव से जुड़ा मामला भी सामने आया
दायर मुकदमे में एक कर्मचारी का मामला भी शामिल है, जिसके बारे में शिकायत में कहा गया कि वह स्वीकृत प्री-बर्थ मैटरनिटी लीव पर थी और उसे नौकरी खत्म किए जाने की सूचना मिलने के अगले दिन प्रसव पीड़ा शुरू हुई। शिकायत में एक अन्य महिला कर्मचारी का भी उल्लेख है, जिसे बच्चे के जन्म के बाद मैटरनिटी लीव के दौरान नौकरी खत्म किए जाने की जानकारी मिली। ये सभी आरोप अदालत में विचाराधीन हैं।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
Meta कर्मचारी की पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने नौकरी की असुरक्षा और निजी जीवन के फैसलों के बीच संबंध को लेकर बहस शुरू कर दी। कुछ लोगों ने महिला की चिंता को जायज बताया, जबकि कुछ ने सवाल उठाया कि अगर कॉर्पोरेट नौकरी की अनिश्चितता किसी व्यक्ति को शादी या बच्चे जैसे बड़े जीवन फैसले टालने पर मजबूर कर दे, तो इसका असर केवल कर्मचारी तक सीमित नहीं रहता।