ना पढ़ाई, ना तजुर्बा…उम्मीदवार ने रिज्यूमे पर लिखा ऐसा मैसेज कि चकरा गया रिक्रूटर्स का दिमाग!
नौकरी पाने के लिए उम्मीदवार अक्सर अपनी शैक्षणिक योग्यता, काम के अनुभव और कौशल को रिज्यूमे में शामिल करते हैं। उन्हें उम्मीद होती है कि उनका सीवी देखकर कंपनी उन्हें इंटरव्यू के लिए बुलाएगी। लेकिन सोशल मीडिया पर एक ऐसे उम्मीदवार की कहानी चर्चा में है, जिसने अपने रिज्यूमे में पढ़ाई और अनुभव का ब्योरा देने के बजाय ऐसा मैसेज लिख दिया कि भर्ती करने वाले लोग भी हैरान रह गए। इस अनोखे अंदाज ने इंटरनेट पर नौकरी पाने के तरीकों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।
रिज्यूमे में डिग्री और अनुभव की जगह अलग संदेश
आमतौर पर कंपनियां किसी उम्मीदवार का रिज्यूमे देखते समय उसकी शिक्षा, काम के अनुभव, तकनीकी जानकारी और संबंधित पद के लिए जरूरी कौशल पर ध्यान देती हैं। फ्रेशर्स के मामले में इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट और सीखने की क्षमता भी अहम हो सकती है।
लेकिन वायरल दावे के मुताबिक, इस उम्मीदवार के पास न तो खास शैक्षणिक योग्यता थी और न ही काम का अनुभव। इसके बावजूद उसने अपने रिज्यूमे में ऐसा संदेश लिखने का तरीका अपनाया, जिसने रिक्रूटर्स का ध्यान खींच लिया।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उस मैसेज के वास्तविक शब्द, उम्मीदवार की पहचान और कंपनी का नाम सामने नहीं आया है। इसलिए यह कहना मुश्किल है कि उसने आखिर ऐसा क्या लिखा था, जिसने भर्ती करने वालों को चौंका दिया।
सोशल मीडिया पर क्यों चर्चा में आते हैं ऐसे रिज्यूमे?
आज नौकरी के बाजार में प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ गई है। एक ही पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आने पर उम्मीदवारों के लिए अपनी अलग पहचान बनाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसी वजह से कुछ लोग रचनात्मक रिज्यूमे, मजेदार वन-लाइनर या अलग अंदाज में लिखे कवर लेटर का इस्तेमाल करते हैं।
कभी-कभी ऐसा प्रयोग भर्ती करने वाले व्यक्ति का ध्यान आकर्षित कर सकता है। लेकिन ध्यान खींचना और नौकरी के लिए चुना जाना अलग-अलग बातें हैं। उम्मीदवार को यह भी साबित करना होता है कि वह संबंधित काम सीखने और जिम्मेदारियां निभाने में सक्षम है।
क्या बिना अनुभव के मिल सकती है नौकरी?
बिल्कुल, कई कंपनियां शुरुआती स्तर के पदों पर फ्रेशर्स को मौका देती हैं। ऐसी नौकरियों में हर बार लंबे अनुभव या बड़ी डिग्री की अनिवार्यता नहीं होती। कुछ पदों पर व्यावहारिक कौशल, संवाद करने की क्षमता, सीखने की इच्छा और काम के प्रति गंभीरता अधिक मायने रखती है।
यदि किसी उम्मीदवार के पास अनुभव नहीं है, तो वह अपने छोटे प्रोजेक्ट, ऑनलाइन कोर्स, इंटर्नशिप या स्वयं सीखे गए कौशल को रिज्यूमे में शामिल कर सकता है। इससे रिक्रूटर को उसकी क्षमता समझने में मदद मिलती है।
नौकरी पाने के लिए क्रिएटिविटी कितनी जरूरी?
रिज्यूमे में रचनात्मकता उपयोगी हो सकती है, लेकिन उसे पद और कंपनी के अनुरूप रखना जरूरी है। मजेदार संदेश या अनोखा परिचय तभी प्रभावी होगा, जब वह उम्मीदवार की योग्यता और काम करने की इच्छा को भी स्पष्ट करे।
फिलहाल, वायरल कहानी में उम्मीदवार के वास्तविक संदेश और उसके बाद मिले परिणाम की पुष्टि नहीं है। यदि मूल पोस्ट सामने आती है, तो यह जानना संभव होगा कि रिज्यूमे में ऐसा क्या लिखा गया था, जिसने रिक्रूटर्स का ध्यान खींचा।