न सीढ़ी, न लिफ्ट…क्या सच में फ्लाईओवर के पिलर पर बस गया पूरा परिवार? जानें इस वायरल वीडियो का सच
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक हैरान करने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक परिवार फ्लाईओवर के बेहद ऊंचे पिलर के खाली हिस्से में रहता हुआ दिखाई देता है। वहां टीवी, कपड़े, पानी के कंटेनर और रोजमर्रा के इस्तेमाल का सामान भी नजर आ रहा है। वीडियो देखकर लोग हैरान हैं कि आखिर बिना सीढ़ी या लिफ्ट के परिवार इतनी ऊंचाई पर पहुंचा कैसे और वहां अपना पूरा सामान कैसे ले गया।
वीडियो को कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने भारत का बताकर शेयर किया, जबकि कुछ पोस्ट में इसे नाइजीरिया के लागोस का बताया गया। दावा किया गया कि आवास की समस्या के कारण एक परिवार ने फ्लाईओवर के पिलर में ही अपना घर बना लिया है। लेकिन इस दावे की पड़ताल करने पर कहानी कुछ और ही सामने आई।
AI से बनाया गया है वायरल वीडियो
टीवी9 भारतवर्ष की फैक्ट चेक रिपोर्ट के मुताबिक, यह वीडियो वास्तविक नहीं है। पड़ताल में इसे AI जेनरेटेड वीडियो पाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, AI डिटेक्शन टूल्स में वीडियो के 97 प्रतिशत तक AI-generated होने के संकेत मिले।
वीडियो को ध्यान से देखने पर भी कई गड़बड़ियां नजर आती हैं। बैकग्राउंड में चल रही गाड़ियां और फ्लाईओवर के पिलर के आसपास की चीजें अस्वाभाविक तरीके से दिखाई देती हैं। यही संकेत वीडियो के कृत्रिम तरीके से बनाए जाने की ओर इशारा करते हैं।
भारत या नाइजीरिया से भी नहीं है संबंध
वायरल वीडियो को भारत और नाइजीरिया दोनों जगहों से जोड़कर सोशल मीडिया पर शेयर किया गया। कुछ लोगों ने इसे नाइजीरिया के लागोस में आवास संकट से जोड़ दिया। हालांकि वहां के स्थानीय सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इस तरह की घटना की पुष्टि नहीं की। जांच में वीडियो का किसी वास्तविक स्थान या परिवार से संबंध नहीं मिला।
आखिर लोगों को क्यों हुआ शक?
वीडियो में परिवार सामान्य तरीके से पिलर के ऊंचे हिस्से में बैठा और घरेलू काम करता दिखाई देता है। वहां टीवी और अन्य भारी सामान भी मौजूद है। लेकिन पिलर तक पहुंचने के लिए न सीढ़ी दिखाई देती है, न लिफ्ट और न ही कोई दूसरी व्यवस्था। यही बात लोगों के मन में सवाल पैदा करती है।
इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह दावा कि किसी परिवार ने सच में फ्लाईओवर के पिलर पर अपना घर बसा लिया है, भ्रामक है। उपलब्ध फैक्ट चेक के अनुसार वीडियो AI की मदद से तैयार किया गया है और इसे वास्तविक घटना बताकर शेयर किया जा रहा है।