न सिंचाई, न पानी की जरूरत…फिर भी लहलहा रहे हैं खेत! समझिए कैसे हो रहा है ये चमत्कार
खेती के लिए पानी सबसे जरूरी चीजों में से एक माना जाता है, लेकिन अब ऐसी तकनीक भी सामने आ रही है जिसमें कम पानी या बिना पारंपरिक सिंचाई के भी फसलें उगाई जा रही हैं। यह देखकर लोग इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं।
दरअसल, इसके पीछे आधुनिक खेती की तकनीकें हैं, जिनमें पौधों को उगाने के लिए मिट्टी और ज्यादा पानी पर निर्भरता कम कर दी जाती है। इनमें हाइड्रोपोनिक्स (Hydroponics), एरोपोनिक्स (Aeroponics) और ड्रिप इरिगेशन जैसी तकनीकें शामिल हैं।
हाइड्रोपोनिक खेती में पौधों को मिट्टी की जगह पोषक तत्वों से भरपूर पानी के घोल में उगाया जाता है। इसमें पानी की खपत सामान्य खेती की तुलना में काफी कम हो सकती है, क्योंकि पानी को बार-बार इस्तेमाल किया जाता है।
वहीं एरोपोनिक्स तकनीक में पौधों की जड़ों पर पोषक तत्वों की महीन फुहार छोड़ी जाती है। इससे पौधों को जरूरी पोषण मिलता है और पानी की बर्बादी कम होती है।
कई किसान अब ऐसी तकनीकों को अपनाकर कम जमीन में ज्यादा उत्पादन लेने की कोशिश कर रहे हैं। खासकर उन इलाकों में जहां पानी की कमी है, वहां यह तरीका खेती के लिए एक विकल्प बनकर उभर रहा है।
हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि हर फसल बिना पानी के उग सकती है। पौधों को किसी न किसी रूप में पानी और पोषण की जरूरत होती है, लेकिन नई तकनीकें पानी की मात्रा को काफी कम कर देती हैं और खेती को ज्यादा टिकाऊ बनाती हैं।
यानी खेतों में दिख रहा यह “चमत्कार” दरअसल विज्ञान और आधुनिक कृषि तकनीक का कमाल है, जिसने खेती के पुराने तरीकों को नई दिशा दी है।