3 साल में चाहिए 1 करोड़ रुपए? फिनफ्लुएंसर अंकुर वारिकू ने बताया- समझदार लोग भी करते हैं ये बड़ी गलती
आज के दौर में हर कोई अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करना चाहता है। कोई नौकरी करके पैसा बचाना चाहता है, तो कोई शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और दूसरे निवेश विकल्पों के जरिए बड़ा फंड तैयार करने का सपना देखता है। लेकिन क्या सिर्फ समझदारी से निवेश करने पर तीन साल में 1 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं? मशहूर फाइनेंस इन्फ्लुएंसर अंकुर वारिकू ने पैसे से जुड़े फैसलों में होने वाली एक बड़ी गलती की ओर ध्यान दिलाया है। उनका संदेश उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, जो कम समय में बड़ी रकम जमा करना चाहते हैं।
बड़ा लक्ष्य तय करना काफी नहीं
आर्थिक लक्ष्य हासिल करने के लिए केवल यह तय कर लेना पर्याप्त नहीं है कि तीन साल में 1 करोड़ रुपये जमा करने हैं। इसके लिए अपनी मौजूदा आय, खर्च, बचत और निवेश की क्षमता का सही आकलन करना जरूरी है।
कई लोग बड़ा लक्ष्य तो तय कर लेते हैं, लेकिन यह गणना नहीं करते कि उसे पूरा करने के लिए हर महीने कितनी रकम बचानी होगी। नतीजतन, लक्ष्य और वास्तविक आर्थिक स्थिति के बीच बड़ा अंतर रह जाता है।
अगर कोई व्यक्ति शून्य से शुरुआत करके 36 महीने में 1 करोड़ रुपये जमा करना चाहता है, तो बिना किसी निवेश रिटर्न के उसे हर महीने लगभग 2.78 लाख रुपये बचाने होंगे। निवेश से मिलने वाला रिटर्न इस जरूरत को कुछ कम कर सकता है, लेकिन तीन साल जैसी छोटी अवधि में लक्ष्य हासिल करने के लिए पर्याप्त पूंजी और नियमित निवेश क्षमता महत्वपूर्ण रहती है।
समझदार लोग भी कहां कर बैठते हैं गलती?
पैसे के मामले में एक आम गलती यह है कि लोग निवेश के रिटर्न पर ज्यादा ध्यान देते हैं, लेकिन अपनी आय बढ़ाने और बचत की क्षमता पर पर्याप्त ध्यान नहीं देते। वे ऐसे निवेश विकल्प खोजते रहते हैं, जिनसे कम समय में पैसा कई गुना हो जाए।
हकीकत यह है कि निवेश से मिलने वाला रिटर्न बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करता है। शेयर बाजार और इक्विटी म्यूचुअल फंड में अच्छे रिटर्न की संभावना होती है, लेकिन इनमें नुकसान का जोखिम भी रहता है। इसलिए केवल ऊंचे रिटर्न के अनुमान के आधार पर आर्थिक लक्ष्य बनाना सही रणनीति नहीं है।
1 करोड़ का लक्ष्य कैसे बनाएं?
अगर आपका लक्ष्य तीन साल में 1 करोड़ रुपये जुटाना है, तो सबसे पहले अपनी मौजूदा आर्थिक स्थिति का हिसाब लगाएं। इसके बाद यह तय करें कि आपके पास पहले से कितनी बचत है और हर महीने कितनी रकम निवेश की जा सकती है।
दूसरा, अपनी आय बढ़ाने के अवसरों पर काम करें। बेहतर नौकरी, अतिरिक्त कौशल, फ्रीलांसिंग या कारोबार के जरिए कमाई बढ़ाने की संभावनाएं तलाश सकते हैं।
तीसरा, निवेश का चुनाव अपने लक्ष्य और जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार करें। तीन साल में इस्तेमाल होने वाली रकम के लिए बहुत अधिक जोखिम लेना नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए पूरे पैसे को केवल शेयर बाजार जैसे उतार-चढ़ाव वाले विकल्पों में लगाने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है।
जल्द अमीर बनने के बजाय सही योजना पर दें ध्यान
अंकुर वारिकू व्यक्तिगत वित्त, निवेश और आर्थिक फैसलों पर अपने विचार साझा करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी सलाह से जुड़ी इस चर्चा का मुख्य सबक यह है कि बड़े आर्थिक लक्ष्य को हासिल करने के लिए केवल निवेश के रिटर्न पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। आय, बचत, समय और जोखिम के बीच संतुलन बनाना भी जरूरी है।
हालांकि, अंकुर वारिकू ने इस विशेष मामले में किस गलती का जिक्र किया है, इसकी पुष्टि के लिए उनका मूल वीडियो या पोस्ट देखना जरूरी है। बिना मूल स्रोत के उनके नाम से किसी खास सलाह को हूबहू जोड़ना उचित नहीं होगा।
अंततः, तीन साल में 1 करोड़ रुपये जमा करना कुछ लोगों के लिए संभव हो सकता है, लेकिन यह उनकी शुरुआती पूंजी, आय और बचत की क्षमता पर निर्भर करता है। निवेश में कोई भी रिटर्न निश्चित नहीं होता। इसलिए बड़ा लक्ष्य तय करने के साथ वास्तविक गणना और जोखिम को समझना सबसे जरूरी है।