30 सीटर बस में ठूंस दिए 100 से ज्यादा यात्री, रुद्रपुर में चेकिंग के दौरान गिनती में लगे 4 घंटे
उत्तराखंड के रुद्रपुर में परिवहन विभाग की चेकिंग के दौरान एक निजी बस में ओवरलोडिंग का हैरान करने वाला मामला सामने आया। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से पंजाब जा रही इस बस को जब अधिकारियों ने जांच के लिए रोका तो बस के अंदर यात्रियों की संख्या देखकर वे भी हैरान रह गए। महज 30 यात्रियों की क्षमता वाली बस में बड़ी संख्या में लोगों को ठूंसकर ले जाया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि बस लखीमपुर खीरी से यात्रियों को लेकर पंजाब की ओर जा रही थी। रास्ते में रुद्रपुर क्षेत्र में परिवहन विभाग की टीम ने बस को जांच के लिए रोका। अधिकारियों ने जब बस के अंदर यात्रियों की संख्या देखी तो उन्हें स्थिति असामान्य लगी। बस में यात्रियों को सीटों पर बैठाने के साथ-साथ गलियारे और अन्य खाली जगहों पर भी खड़ा किया गया था।
बस में इतनी अधिक भीड़ थी कि अधिकारियों को यात्रियों की सही संख्या गिनने में ही करीब चार घंटे लग गए। एक-एक यात्री को बस से बाहर निकालकर उनकी गिनती की गई। इस दौरान परिवहन विभाग की टीम को बस की वास्तविक क्षमता और उसमें मौजूद यात्रियों के बीच बड़ा अंतर सामने आया।
अधिकारियों के मुताबिक, बस में क्षमता से कई गुना अधिक यात्रियों को बैठाकर ले जाया जा रहा था। इतनी भीड़ में यात्रियों के लिए ठीक से बैठना तो दूर, खड़े होने तक की पर्याप्त जगह नहीं थी। ऐसे में अचानक ब्रेक लगने, बस के दुर्घटनाग्रस्त होने या किसी अन्य आपात स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता था।
चेकिंग के दौरान परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बस के दस्तावेजों और परमिट समेत अन्य जरूरी कागजात की भी जांच की। ओवरलोडिंग को लेकर विभाग की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने साफ किया कि क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर चलने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
इस घटना ने सड़क सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लंबी दूरी की यात्रा करने वाली बस में क्षमता से कई गुना ज्यादा यात्रियों को भरना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यात्रियों की जान को भी जोखिम में डालता है। हादसे की स्थिति में इतनी भीड़ के कारण राहत और बचाव कार्य भी मुश्किल हो सकता है।
लखीमपुर खीरी से पंजाब जा रही इस बस में ओवरलोडिंग का मामला सामने आने के बाद परिवहन विभाग की कार्रवाई चर्चा में है। अधिकारियों द्वारा यात्रियों की गिनती में करीब चार घंटे लगना इस बात को दिखाता है कि बस में सामान्य क्षमता की तुलना में कितनी ज्यादा भीड़ थी।
परिवहन विभाग ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे क्षमता से अधिक भरी बसों में सफर करने से बचें और किसी भी तरह की लापरवाही दिखाई देने पर संबंधित विभाग को इसकी सूचना दें। यात्रियों की सुरक्षा के लिए वाहन की क्षमता के अनुसार ही सवारी बैठाना जरूरी है।