भारत में बसाया जा रहा था ‘मिनी इटली’, हजारों करोड़ का प्रोजेक्ट; आज वीरान पड़ा है पूरा शहर
भारत में कभी ऐसा शहर बसाने की योजना बनाई गई थी, जिसे देखकर लोगों को इटली की खूबसूरत यूरोपीय गलियों और वास्तुकला की याद आती। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को लेकर बड़े सपने दिखाए गए थे। योजना थी कि यहां आधुनिक सुविधाओं के साथ यूरोपियन स्टाइल का शहर विकसित किया जाएगा। लेकिन समय के साथ यह सपना अधूरा रह गया और आज यह इलाका काफी हद तक ‘Ghost Town’ यानी वीरान शहर के रूप में चर्चा में है।
यूरोप जैसा शहर बसाने का था सपना
इस प्रोजेक्ट की कल्पना भारत में एक ऐसे आधुनिक और खूबसूरत शहर के रूप में की गई थी, जहां यूरोपियन वास्तुकला, चौड़ी सड़कें, आधुनिक इमारतें और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हों।परियोजना को लेकर निवेशकों और खरीदारों के बीच भी काफी उत्साह पैदा हुआ। बड़ी संख्या में लोगों ने यहां घर और प्रॉपर्टी खरीदने में रुचि दिखाई।
हजारों करोड़ रुपये का था प्रोजेक्ट
यह प्रोजेक्ट छोटे स्तर की कॉलोनी नहीं था, बल्कि बड़े पैमाने पर विकसित किए जाने की योजना थी। इसमें आवासीय इलाकों के साथ कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, होटल, मनोरंजन स्थल और दूसरी सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव था।प्रोजेक्ट को लेकर करोड़ों-अरबों रुपये के निवेश की उम्मीद जताई गई थी। शुरुआती दौर में यहां निर्माण कार्य भी तेजी से शुरू हुआ।
फिर क्यों पड़ गया सन्नाटा?
समय बीतने के साथ कई कारणों से प्रोजेक्ट की रफ्तार धीमी होती चली गई। निर्माण कार्य में देरी, निवेश से जुड़ी समस्याएं, खरीदारों की बदलती रुचि और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों ने परियोजना को प्रभावित किया।जिन इलाकों में कभी बड़ी संख्या में लोगों के रहने और कारोबार शुरू होने की उम्मीद थी, वहां कई जगह खाली इमारतें और अधूरे निर्माण नजर आने लगे।
‘Ghost Town’ जैसा क्यों दिखता है?
किसी शहर या इलाके को ‘Ghost Town’ तब कहा जाता है, जब वहां बड़ी संख्या में इमारतें होने के बावजूद लोगों की मौजूदगी बहुत कम हो या इलाका लगभग वीरान नजर आए।इस प्रोजेक्ट की तस्वीरें और वीडियो सामने आने पर लोग इसकी तुलना ऐसे ही वीरान शहरों से करने लगे। ऊंची इमारतें और तैयार ढांचे होने के बावजूद वहां अपेक्षित आबादी नहीं बस सकी।
अधूरे सपने की कहानी
भारत में तेजी से विकसित होते रियल एस्टेट सेक्टर के बीच यह प्रोजेक्ट इस बात का उदाहरण भी बन गया कि सिर्फ शानदार डिजाइन और बड़े निवेश के वादे से कोई शहर सफल नहीं होता। किसी भी नए शहर को बसाने के लिए रोजगार, परिवहन, स्कूल, अस्पताल, बाजार और दूसरी जरूरी सुविधाओं का विकसित होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।जिस जगह को कभी भारत का ‘मिनी इटली’ बनाने का सपना देखा गया था, उसका आज का सन्नाटा लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है। यह कहानी बड़े रियल एस्टेट सपनों और उनके जमीन पर सफल होने के बीच के अंतर को भी दिखाती है।