×

Metro Fight: कोलकाता मेट्रो में दो महिलाओं के बीच जमकर मारपीट, बाल खींचकर हुई लड़ाई
 

 

कोलकाता मेट्रो में दो महिलाओं के बीच हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। किसी बात को लेकर शुरू हुई कहासुनी इतनी बढ़ गई कि दोनों महिलाएं एक-दूसरे के बाल खींचने लगीं और हाथापाई पर उतर आईं। इस दौरान मेट्रो कोच में मौजूद यात्री तमाशबीन बने पूरी घटना देखते रहे।

Metro Clash: अचानक शुरू हुआ विवाद

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट के मुताबिक, मेट्रो के अंदर दो महिलाओं के बीच किसी मुद्दे को लेकर बहस शुरू हुई थी। देखते ही देखते दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया। वीडियो में दोनों महिलाओं के बीच जमकर खींचतान होती नजर आने का दावा किया जा रहा है।

Passengers Reaction: यात्री देखते रहे पूरा हंगामा

🚨 मेट्रो में अचानक शुरू हुआ ‘मैडम vs मैडम’ का महाकलेश! 😳

कोलकाता मेट्रो में दो महिलाओं के बीच किसी बात को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि मामला बाल खींचने और झोंटा-झोंटी तक पहुंच गया। मेट्रो में मौजूद यात्री देखते रह गए और देखते ही देखते डिब्बे का माहौल अखाड़े जैसा बन गया।

मामले… pic.twitter.com/6ztjPOeIOM

— Jamwant Maurya (@JamwantM) September 9, 2026


मारपीट के दौरान मेट्रो कोच का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। आसपास मौजूद यात्री इस घटना को देखते रहे। कुछ ही देर में शांत सफर कर रहे यात्रियों के बीच यह विवाद चर्चा का विषय बन गया।

Action Taken: दोनों महिलाओं पर लगा जुर्माना

पोस्ट में दावा किया गया है कि मामले में कार्रवाई करते हुए दोनों महिलाओं पर 1,000-1,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके साथ ही मेट्रो में यात्रियों के अनुशासन और अभद्र व्यवहार को लेकर नियमों को सख्त किए जाने की बात भी सामने आई है।

Metro Rules: सार्वजनिक जगह पर अनुशासन जरूरी

मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन में बड़ी संख्या में लोग रोजाना सफर करते हैं। ऐसे में किसी भी तरह का विवाद न केवल दूसरे यात्रियों के सफर को प्रभावित करता है, बल्कि स्थिति गंभीर होने पर सुरक्षा के लिए भी परेशानी खड़ी कर सकता है। यात्रियों से सार्वजनिक स्थानों पर संयम और अनुशासन बनाए रखने की उम्मीद की जाती है।

Bottom Line: छोटी बहस से बड़ा हंगामा

कोलकाता मेट्रो की इस कथित घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक जगहों पर व्यवहार और अनुशासन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे मामलों में मेट्रो प्रशासन की आधिकारिक कार्रवाई ही अंतिम आधार मानी जानी चाहिए।