शख्स ने की सबसे कम टाइम में दिल्ली मेट्रो के सारे स्टेशनों की यात्रा, बना डाला गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
दिल्ली मेट्रो में रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं, लेकिन क्या कोई शख्स पूरे मेट्रो नेटवर्क के सभी स्टेशनों की यात्रा कुछ ही घंटों में पूरी कर सकता है? दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन से जुड़े प्रफुल्ल सिंह ने यह कारनामा कर दिखाया है। उन्होंने सबसे कम समय में दिल्ली मेट्रो के सभी निर्धारित स्टेशनों की यात्रा पूरी कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। खास बात यह है कि प्रफुल्ल ने दूसरी बार यह रिकॉर्ड बनाया है।
14 घंटे 54 मिनट में पूरा किया सफर
प्रफुल्ल सिंह ने 23 मई 2026 को यह रिकॉर्ड कायम किया। उन्होंने पूरे सफर को 14 घंटे 54 मिनट 36 सेकंड में पूरा किया। उनकी यात्रा सुबह करीब 6 बजे वायलेट लाइन के राजा नाहर सिंह स्टेशन से शुरू हुई और करीब रात 9 बजे गुरुग्राम के मिलेनियम सिटी सेंटर स्टेशन पर समाप्त हुई।
इस दौरान उन्होंने दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की अलग-अलग लाइनों और इंटरचेंज का इस्तेमाल करते हुए सभी निर्धारित स्टेशनों को कवर किया। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के नियमों के मुताबिक किसी स्टेशन पर यात्रा दर्ज कराने के लिए ट्रेन का वहां रुकना जरूरी है, लेकिन यात्री को हर स्टेशन पर ट्रेन से उतरना आवश्यक नहीं होता। यात्रा का प्रमाण भी निर्धारित तरीके से दर्ज करना पड़ता है।
पिछला रिकॉर्ड भी किया ध्वस्त
प्रफुल्ल सिंह ने इस उपलब्धि के साथ सुजॉय कुमार मित्रा और शिप्रा गुप्ता का पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया। दोनों ने 2023 में सभी निर्धारित दिल्ली मेट्रो स्टेशनों की यात्रा 15 घंटे 21 मिनट 4 सेकंड में पूरी की थी। प्रफुल्ल ने इस समय को करीब 26 मिनट से पीछे छोड़ते हुए नया रिकॉर्ड बनाया।
दिलचस्प बात यह है कि प्रफुल्ल सिंह इससे पहले भी दिल्ली मेट्रो के सभी निर्धारित स्टेशनों की यात्रा का रिकॉर्ड बना चुके हैं। 2022 में उन्होंने 254 स्टेशनों को 16 घंटे 2 मिनट 17 सेकंड में कवर किया था। इस बार उन्होंने अपनी पिछली उपलब्धि में भी सुधार किया और दोबारा गिनीज रिकॉर्ड हासिल किया।
आसान नहीं था रिकॉर्ड बनाना
पूरे नेटवर्क को इतने कम समय में कवर करना सिर्फ ट्रेन में बैठकर यात्रा करने का काम नहीं था। इसके लिए रूट की बेहद सटीक प्लानिंग करनी पड़ी। किस लाइन से शुरुआत करनी है, कहां इंटरचेंज करना है और किस क्रम में स्टेशनों को कवर करना है, इन सभी चीजों की पहले से योजना बनाई गई।
प्रफुल्ल सिंह के मुताबिक पिछली बार उनका रूट सही नहीं बैठा था और उन्हें करीब डेढ़ घंटे की देरी हुई थी। इस बार उन्होंने बेहतर योजना के साथ सफर शुरू किया और उन्हें भरोसा था कि वह रिकॉर्ड तोड़ने में सफल होंगे।
प्रफुल्ल सिंह की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने दिल्ली मेट्रो जैसे विशाल नेटवर्क को एक तरह के टाइम-बाउंड चैलेंज में बदल दिया। उनकी इस उपलब्धि को सार्वजनिक परिवहन, ईंधन बचत और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने के संदेश से भी जोड़ा गया है।