एक ही दिन में पूरी दिल्ली मेट्रो घूम गया शख्स, वीडियो में दिखा रिकॉर्ड बनाने का सफर
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) से जुड़े प्रफुल्ल सिंह ने दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सभी स्टेशनों की यात्रा तय समय में पूरी कर नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार, प्रफुल्ल ने यह पूरा सफर 14 घंटे 54 मिनट 36 सेकंड में पूरा किया। यह रिकॉर्ड 23 मई को बनाया गया था, जिसकी चर्चा अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से हो रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
प्रफुल्ल सिंह की इस उपलब्धि से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इंस्टाग्राम पर @laughingcolours हैंडल से भी उनके रिकॉर्ड से जुड़ी पोस्ट शेयर की गई है। खास बात यह है कि प्रफुल्ल ने इसी कैटेगरी में अपना ही पुराना रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया है।
इससे पहले जून 2023 में सुजॉय कुमार मित्रा और शिप्रा गुप्ता ने 15 घंटे 21 मिनट 4 सेकंड में दिल्ली मेट्रो के सभी निर्धारित स्टेशनों की यात्रा पूरी की थी। प्रफुल्ल सिंह ने इस समय को पीछे छोड़ते हुए नया रिकॉर्ड बनाया।
प्रफुल्ल का इस कैटेगरी में यह दूसरा रिकॉर्ड है। इससे पहले साल 2021 में उन्होंने 254 स्टेशनों को 16 घंटे 2 मिनट 17 सेकंड में कवर किया था और उस समय इस रिकॉर्ड को बनाने वाले पहले व्यक्ति बने थे।
राजा नाहर सिंह से शुरू हुआ सफर
बताया गया है कि प्रफुल्ल सिंह ने अपनी यात्रा सुबह करीब 6 बजे वायलेट लाइन के राजा नाहर सिंह मेट्रो स्टेशन से शुरू की थी। करीब 15 घंटे के सफर के बाद उन्होंने गुरुग्राम के मिलेनियम सिटी सेंटर स्टेशन पर अपनी यात्रा पूरी की।
पूरे सफर को पूरा करने के लिए प्रफुल्ल ने रूट और मेट्रो की टाइमिंग की पहले से अच्छी तरह प्लानिंग की थी। डीएमआरसी में मेट्रो ऑपरेशंस से जुड़े होने के कारण उन्हें ट्रेन के शेड्यूल, इंटरचेंज और संचालन से जुड़ी जानकारी का भी फायदा मिला।
गिनीज रिकॉर्ड के लिए क्या हैं नियम?
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के नियमों के मुताबिक इस चुनौती में तय किए गए प्रत्येक स्टेशन से गुजरना जरूरी होता है। हर स्टेशन पर उतरना अनिवार्य नहीं है, लेकिन यह साबित करने के लिए पर्याप्त प्रमाण देना होता है कि प्रतियोगी ने सभी निर्धारित स्टेशनों की यात्रा की है।
इसके लिए डिजिटल टाइमस्टैंप, घड़ी दिखाई देने वाली तस्वीरों या अन्य मान्य सबूतों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में पूरे नेटवर्क को कम से कम समय में कवर करने के लिए रूट प्लानिंग और समय का सही इस्तेमाल बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
रिकॉर्ड बनाने के बाद क्या बोले प्रफुल्ल?
प्रफुल्ल सिंह ने अपनी उपलब्धि को लेकर कहा कि इस बार उन्हें रिकॉर्ड तोड़ने का काफी भरोसा था। उनके मुताबिक, पिछली कोशिश के दौरान गलत रूट चुनने की वजह से करीब डेढ़ घंटे का समय अतिरिक्त लग गया था, लेकिन इस बार उन्होंने पहले से बेहतर तैयारी की थी।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए यह उपलब्धि सिर्फ एक व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं है। डीएमआरसी से जुड़े होने के कारण वह इस उपलब्धि को दिल्ली मेट्रो के बड़े नेटवर्क, उसकी पहुंच और सार्वजनिक परिवहन की उपयोगिता को सामने रखने के अवसर के तौर पर देखते हैं।
प्लानिंग और धैर्य की मिसाल
दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशनों को इतने कम समय में कवर करना आसान काम नहीं है। इसके लिए लंबे सफर के साथ-साथ ट्रेन की टाइमिंग, इंटरचेंज और रूट की बारीक प्लानिंग करनी पड़ती है। प्रफुल्ल सिंह की यह उपलब्धि दिखाती है कि सही रणनीति, तैयारी और धैर्य के साथ मुश्किल लगने वाले लक्ष्य को भी हासिल किया जा सकता है।
उनका रिकॉर्ड दिल्ली मेट्रो के विशाल नेटवर्क और सार्वजनिक परिवहन की पहुंच को भी उजागर करता है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो अब लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है और कई यूजर्स प्रफुल्ल की तैयारी और इस अनोखी उपलब्धि की तारीफ कर रहे हैं।