Maintenance Charges: हर महीने ₹5-6 हजार देने के बाद भी लिफ्ट की हालत खराब, सोसायटी में सुरक्षा पर उठे सवाल
दिल्ली-NCR की कई हाउसिंग सोसायटियों में मेंटेनेंस चार्ज को लेकर सवाल उठते रहे हैं। हर महीने हजारों रुपये मेंटेनेंस के नाम पर वसूले जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद कई जगह जरूरी सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के आरोप सामने आते हैं। ऐसा ही एक मामला एक सोसायटी से सामने आया है, जहां नियमित मेंटेनेंस चार्ज देने के बावजूद लिफ्ट सर्विस समय पर नहीं होने की शिकायत की गई है।
हर महीने जा रहे ₹5 से ₹6 हजार
शिकायत के मुताबिक, सोसायटी के निवासी हर महीने करीब ₹5,000 से ₹6,000 तक मेंटेनेंस के नाम पर भुगतान करते हैं। इसके बावजूद लिफ्ट जैसी जरूरी सुविधा की समय पर सर्विसिंग नहीं होने का आरोप है।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो को घटना से करीब तीन दिन पुराना बताया गया है। इसके बाद सोसायटी में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और मेंटेनेंस व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
लिफ्ट में फंसने का डर कितना गंभीर?
दिल्ली एनसीआर की लगभग हर सोसाइटी में मेंटेनेंस के नाम पर फ्रॉड हो रहे हैं
— SanjuGoyal01 (@SanjuGoyel) September 11, 2026
ये मेरी सोसाइटी का 3 दिन पहले का वीडियो है
हर महीने 5 से ₹6000 मेंटेनेंस के नाम का जाता है बावजूद इसके समय से बाकी चीजों के साथ-साथ लिफ्ट की सर्विस भी नहीं करवाई जाती है
पहले भी इस तरह की घटनाएं हुई… pic.twitter.com/ds5cviv5w1
दिल्ली एनसीआर की लगभग हर सोसाइटी में मेंटेनेंस के नाम पर फ्रॉड हो रहे हैं
— SanjuGoyal01 (@SanjuGoyel) September 11, 2026
ये मेरी सोसाइटी का 3 दिन पहले का वीडियो है
हर महीने 5 से ₹6000 मेंटेनेंस के नाम का जाता है बावजूद इसके समय से बाकी चीजों के साथ-साथ लिफ्ट की सर्विस भी नहीं करवाई जाती है
पहले भी इस तरह की घटनाएं हुई… pic.twitter.com/ds5cviv5w1
लिफ्ट में फंसना किसी भी व्यक्ति के लिए बेहद घबराहट भरा अनुभव हो सकता है। बंद जगह में लंबे समय तक फंसे रहने पर घबराहट और बेचैनी बढ़ सकती है। खासतौर पर बुजुर्गों और पहले से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों वाले लोगों के लिए ऐसी स्थिति अधिक चिंताजनक हो सकती है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि सोसायटी में पहले भी लोगों के लिफ्ट में फंसने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे मामलों में लिफ्ट की नियमित जांच और समय पर सर्विसिंग बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
Maintenance व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
सोसायटी के निवासी यह सवाल उठा रहे हैं कि जब हर महीने नियमित तौर पर मेंटेनेंस फीस ली जा रही है, तो फिर लिफ्ट और दूसरी जरूरी सुविधाओं का रखरखाव समय पर क्यों नहीं किया जाता।
लिफ्ट जैसी सुविधा में तकनीकी खराबी को नजरअंदाज करना गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे में सर्विसिंग, निरीक्षण और खराबी की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई जरूरी है।
Builder की भूमिका पर भी सवाल
शिकायत में बिल्डर के प्रभाव और सोसायटी के प्रबंधन से जुड़े पुराने मुद्दों का भी जिक्र किया गया है। आरोप है कि कई हाउसिंग सोसायटियों में बिल्डर की भूमिका पूरी तरह खत्म नहीं होती और इसके पीछे कानूनी व तकनीकी कारण भी हो सकते हैं।
ऐसे मामलों में निवासियों और प्रबंधन के बीच जिम्मेदारियों को लेकर विवाद पैदा हो सकता है। यही वजह है कि मेंटेनेंस, सुरक्षा और सुविधाओं की जिम्मेदारी स्पष्ट होना जरूरी है।
निवासियों की सुरक्षा सबसे जरूरी
मेंटेनेंस फीस केवल एक नियमित भुगतान नहीं है, बल्कि इसके बदले सोसायटी में जरूरी सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था के सही रखरखाव की उम्मीद की जाती है। लिफ्ट जैसी सुविधा में समय पर सर्विसिंग और सुरक्षा जांच नहीं होने पर किसी भी अप्रिय घटना का खतरा बढ़ सकता है।
दिल्ली-NCR की सोसायटियों में इस तरह की शिकायतें सामने आने के बाद जरूरत है कि निवासी, सोसायटी प्रबंधन और संबंधित एजेंसियां मिलकर लिफ्ट सहित सभी जरूरी सुविधाओं के नियमित रखरखाव पर गंभीरता से ध्यान दें।