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जान जोखिम में डालकर JCB के नीचे लंच, VIDEO VIRAL

 

सोशल मीडिया पर सामने आई एक तस्वीर लोगों को हैरान करने के साथ-साथ सोचने पर भी मजबूर कर रही है। तस्वीर में कुछ लोग भारी-भरकम JCB मशीन के नीचे बैठकर आराम से खाना खाते हुए नजर आ रहे हैं। जिस मशीन के आसपास काम करना ही जोखिम भरा होता है, उसी के नीचे बैठकर इस तरह खाना खाना किसी भी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकता है।

ये लोग JCB के नीचे बैठे हैं… और आपको डर लग रहा है?

खतरे के नीचे आराम से बैठे लोग…

इस फोटो को देखकर यही लगता है की आस-पास काम कर रहे होंगे इस मशीन के साथ में।

आपकी मशीन है आपका काम है लेकिन जिस प्रकार से आप बैठकर लंच कर रहे हो यमराज आस-पास ही घूम रहे होंगे..

इस प्रकार से… pic.twitter.com/y0d9ycii3F

— Sajid Tyagi (@ItyagiSajid) September 12, 2026

ये लोग JCB के नीचे बैठे हैं… और आपको डर लग रहा है?

खतरे के नीचे आराम से बैठे लोग…

इस फोटो को देखकर यही लगता है की आस-पास काम कर रहे होंगे इस मशीन के साथ में।

आपकी मशीन है आपका काम है लेकिन जिस प्रकार से आप बैठकर लंच कर रहे हो यमराज आस-पास ही घूम रहे होंगे..

इस प्रकार से… pic.twitter.com/y0d9ycii3F

— Sajid Tyagi (@ItyagiSajid) September 12, 2026


संभव है कि ये लोग इसी मशीन के साथ काम करते हों और रोजाना इसी तरह अपने काम के दौरान खाना खाते हों। लेकिन काम की जगह पर किसी खतरे का रोज सामने आना उसे सुरक्षित नहीं बना देता। कई बार इंसान लगातार खतरे के बीच काम करते-करते इतना अभ्यस्त हो जाता है कि उसे वही खतरा सामान्य लगने लगता है।

सोचिए, अगर इसी दौरान JCB अचानक चालू हो जाए, मशीन का कोई हिस्सा नीचे आ जाए या किसी वजह से मशीन अपनी जगह से हिल जाए, तो वहां बैठे लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिलेगा। भारी मशीनरी के आसपास थोड़ी सी लापरवाही भी बेहद गंभीर हादसे में बदल सकती है।

खतरे को आदत मत बनने दीजिए

काम के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। खासकर JCB, क्रेन, ट्रैक्टर या दूसरी भारी मशीनों के आसपास बैठने या आराम करने से बचना चाहिए। मशीन बंद दिखाई दे रही हो, तब भी उसके नीचे बैठना सुरक्षित नहीं माना जा सकता।

कई बार मजदूर रोज-रोज एक ही जगह काम करते हुए खतरे को हल्के में लेने लगते हैं। लेकिन हादसे को होने में सिर्फ कुछ सेकंड लगते हैं।रोटी खाने के लिए कुछ मिनट की जगह बचाना जिंदगी से ज्यादा कीमती नहीं हो सकती।यह तस्वीर एक जरूरी संदेश देती है—काम कितना भी जरूरी हो, सुरक्षा उससे भी ज्यादा जरूरी है। खतरे के साथ समझौता कभी भी भारी पड़ सकता है।