नेपाल में जेल ब्रेक! सुरंग खोदकर भागे रेप केस के 5 दोषी समेत 8 कैदी; मची सनसनी
नेपाल के डोल्पा जिले की जिला जेल से आठ कैदियों के सुरंग खोदकर फरार होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद नेपाल के पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। फरार कैदियों में दुष्कर्म के मामलों में सजा काट रहे पांच दोषी और चोरी के मामलों से जुड़े तीन कैदी शामिल हैं। कैदियों ने जेल की दीवार के नीचे से करीब 4.63 मीटर लंबी सुरंग खोदकर बाहर निकलने का रास्ता बनाया।
यह घटना 30 अक्टूबर की रात डोल्पा जिले के मुख्यालय दुनई स्थित जिला कारागार में हुई। शनिवार सुबह करीब 6 बजे जब जेल प्रशासन ने कैदियों की गिनती की, तब आठ कैदी गायब मिले। इसके बाद जेल परिसर की जांच की गई तो सुरंग के जरिए उनके फरार होने का पता चला। घटना के समय जेल में कुल 17 कैदी और विचाराधीन बंदी मौजूद थे।
दुष्कर्म के पांच दोषी भी फरार
पुलिस के मुताबिक, फरार होने वाले आठ कैदियों में पांच दुष्कर्म के मामलों में दोषी ठहराए जा चुके थे। इनमें रुकुम पश्चिम के राम बीके, डोल्पा के काली प्रसाद रोकाया और हरि बहादुर बुढ़ा उर्फ धन बहादुर बुढ़ा, सल्यान के रेशम राणा और जाजरकोट के यज्ञ बीके शामिल हैं।इसके अलावा चोरी के मामले में सजा काट रहा कपिल परियार उर्फ कैलाश भी फरार हुआ है। चोरी के मामलों में विचाराधीन दो बंदी तिलक भंडारी और आदेश भंडारी भी सुरंग के रास्ते जेल से बाहर निकल गए।
सेप्टिक टैंक के पास से खोदी सुरंग
प्रारंभिक जांच के अनुसार, कैदियों ने जेल के अंदर की दीवार और बाहरी परिसर के हिस्से को तोड़कर सुरंग बनाई। यह सुरंग सेप्टिक टैंक के आसपास से निकाली गई थी। इसकी लंबाई करीब 3.5 से 4.63 मीटर बताई गई है। अधिकारियों को आशंका है कि कैदियों ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था का पहले से अध्ययन किया और उसमें मौजूद कमजोरियों का फायदा उठाया।घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बताया गया है कि जेल में 17 कैदियों की सुरक्षा के लिए 15 सुरक्षाकर्मी तैनात थे। इसके बावजूद सुरंग खोदने की भनक किसी को नहीं लगी।
तलाशी अभियान शुरू, तीन सदस्यीय जांच समिति गठित
डोल्पा पुलिस ने फरार कैदियों की तलाश के लिए अभियान शुरू कर दिया है। उनके मोबाइल फोन की तकनीकी निगरानी की जा रही है। तस्वीरें और पहचान संबंधी जानकारी संभावित रास्तों तथा निकास बिंदुओं पर भेजी गई है। पुलिस आसपास के इलाकों में भी तलाशी ले रही है।
घटना की जांच के लिए पुलिस इंस्पेक्टर विनय कुमार सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। समिति यह पता लगाएगी कि कैदी सुरंग खोदने में कैसे सफल हुए और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली। सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जा रही है।एक साथ आठ कैदियों के फरार होने की घटना ने डोल्पा जिला कारागार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल सभी फरार कैदियों की तलाश जारी है।